शरदकालीन सत्र 2026 में सरकार ने टीईटी परीक्षा से छूट की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया
श्रीनगर, 22 सितंबर (हि.स.)। स्कूल शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने आज जम्मू और कश्मीर विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम में संशोधन की मांग की गई है ताकि 31 अक्टूबर, 2019 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में बैठने से छूट दी जा सके।
सदन में पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि यह सदन सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से आग्रह करता है कि वह बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 की धारा 23 में आवश्यक वैधानिक संशोधन करे ताकि 31 अक्टूबर 2019 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी में बैठने से छूट दी जा सके। प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि सदन केंद्र सरकार से यह भी आग्रह करता है कि वह सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के माध्यम से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट के लिए आवश्यक अधिसूचना जारी करे।
विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया, रणबीर सिंह पठानिया, वहीद उर रहमान पारा और खुर्शीद अहमद शेख ने चर्चा में भाग लिया और प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। विधानसभा के अगले कार्य दिवस पर प्रस्ताव पर बहस जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता