जीडीए ने यातायात को नियंत्रित करने और गुलमर्ग पहाड़ी रिसॉर्ट की नाजुक पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए प्रायोगिक आधार पर विषम-सम वाहन प्रवेश प्रणाली शुरू की
श्रीनगर, 1 जुलाई (हि.स.)। कश्मीर के किसी पर्यटन स्थल में पहली बार है गुलमर्ग विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने यातायात को नियंत्रित करने और इस प्रसिद्ध पहाड़ी रिसॉर्ट की नाजुक पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए प्रायोगिक आधार पर विषम-सम वाहन प्रवेश प्रणाली शुरू की है।
जीडीए द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार यह नया यातायात नियम 5 जुलाई से लागू होगा और एक महीने की प्रायोगिक परियोजना के तहत 5 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।
इस योजना के तहत पंजीकरण संख्या के अंत में विषम अंक (1, 3, 5, 7 और 9) वाले निजी और व्यावसायिक चार पहिया वाहनों को गुलमर्ग में केवल विषम तिथियों पर ही प्रवेश की अनुमति होगी। इसी प्रकार पंजीकरण संख्या के अंत में सम अंक (0, 2, 4, 6 और 8) वाले वाहनों को केवल सम तिथियों पर ही प्रवेश की अनुमति होगी। यह प्रतिबंध प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लागू रहेगा। हालांकि परिवहन और मालवाहक वाहनों को विषम-सम नियम से छूट दी गई है।
गुलमर्ग विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारिक हुसैन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर यातायात प्रबंधन और पर्यावरणीय तनाव को कम करने में इसकी प्रभावशीलता का आकलन करना है। उन्होंने कहा कि पायलट परियोजना एक महीने के लिए लागू की जाएगी जिसके दौरान पुलिस, यातायात प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से यातायात प्रबंधन, पर्यावरण गुणवत्ता और पर्यटकों की सुविधा पर इसके प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा।
जीडीए ने कहा कि पायलट परियोजना के निष्कर्षों और संबंधित विभागों की सिफारिशों के आधार पर इस उपाय की समीक्षा, संशोधन, विस्तार या वापसी की जा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता