फ्रेंड्स वेलफेयर सोसाइटी ने दिग्गज गायक लाल चंद यमला की 122वीं जयंती मनाई

 


जम्मू, 28 मार्च (हि.स.)।

प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायक लाल चंद यमला की 112वीं जयंती आज सूर्य विहार में आयोजित एक समारोह में फ्रेंड्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बोलते हुए आर.एल.कैथ ने यमला के उल्लेखनीय जीवन और पंजाबी संगीत में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। 28 मार्च 1914 को पाकिस्तान के लायलपुर जिले के चक नंबर 384 में एक चंजोत्रा परिवार में जन्मे यमला की सुरीली आवाज आज भी दुनिया भर के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती है।

एक प्रतिभाशाली गायक यमला के संग्रह में सैकड़ों सदाबहार क्लासिक गीत शामिल हैं जिनमें 'दस में की प्यार विचों खत्या', 'सतगुर नानक तेरी लीला न्यारी ऐ' और 'व्हिस्की दी बोतल वर्गी' शामिल हैं। उनकी अनूठी शैली और तुंबी की मधुर झंकार ने उन्हें पंजाबी संगीत में एक किंवदंती बना दिया है जिससे उन्हें पंजाबी संगीत का शिखर का खिताब मिला है।

कैथ ने यमला के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा, पंजाब में कई गायक हुए हैं लेकिन लाल चंद यमला बिल्कुल अद्वितीय थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता