उमर के पाकिस्तान पर दिए बयानों पर बरसे पूर्व मंत्री, बोले : आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते
जम्मू, 03 जुलाई (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बाली भगत ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पाकिस्तान के साथ वार्ता बहाल करने की वकालत किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बयान राष्ट्रीय हितों के बजाय नेशनल कॉन्फ्रेंस की पाकिस्तान के प्रति सोच को दर्शाते हैं। बाली भगत ने कहा कि जब पाकिस्तान लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, आतंकियों की घुसपैठ करा रहा है और जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है तब मुख्यमंत्री का बातचीत पर जोर देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पीड़ित परिवारों और सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़े होने के बजाय पाकिस्तान के साथ संवाद की बात करना गलत संदेश देता है और आतंकवाद के खिलाफ भारत के स्पष्ट रुख को कमजोर करता है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत की ओर से बढ़ाए गए हर दोस्ती के हाथ का जवाब पाकिस्तान ने आतंकवाद, हिंसा और विश्वासघात से दिया है। ऐसे देश के साथ बिना ठोस कार्रवाई के बातचीत की वकालत करना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए बाली भगत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की सबसे बड़ी कीमत चुकाई है। ऐसे में जब तक पाकिस्तान अपने आतंकी ढांचे को पूरी तरह समाप्त नहीं करता तब तक उससे बातचीत की मांग करना आतंकवाद के खिलाफ शहीद हुए निर्दोष नागरिकों और सुरक्षा बलों के बलिदान का अपमान है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नीति स्पष्ट है कि नया भारत आतंकवाद या किसी भी प्रकार के कूटनीतिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। भारत शांति का पक्षधर है लेकिन ऐसी शांति स्वीकार नहीं की जा सकती जो आतंकवाद के साये में स्थापित हो। बाली भगत ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अपनाने वाले बयानों से बचने और राज्य में सुशासन, विकास तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता भारत के साथ मजबूती से खड़ी है और आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के साथ बिना ठोस कार्रवाई के किसी भी प्रकार की बातचीत के पक्ष में नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा