लकड़ी जब्ती मामले पर वन विभाग का पलटवार, आरोपों को बताया भ्रामक व निराधार

 


कठुआ, 03 अगस्त (हि.स.)। लकड़ी जब्ती मामले को लेकर प्रकाशित एक समाचार पर वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपों को तथ्यहीन, भ्रामक और वास्तविक स्थिति के विपरीत बताया है।

डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर कठुआ ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52 के तहत संबंधित वाहन मालिक तथा शर्मा कथा इंडस्ट्री बन्यारी मढ़हीन के मालिक के खिलाफ विधिसम्मत जब्ती (कंफिस्केशन) की कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। यह मामला वर्तमान में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है। वन विभाग के अनुसार वाहन और अवैध लकड़ी को नियमानुसार जब्त किया गया तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया गया है। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सभी कानूनी और वैधानिक कार्रवाई बिना किसी पक्षपात के की गई है। विभाग ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया कि उक्त फैक्ट्री को कानूनी कार्रवाई से बचाया गया है। विभाग ने कहा कि ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं और आधिकारिक रिकॉर्ड के विपरीत हैं। वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला फिलहाल सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लंबित होने के कारण इसके गुण-दोष पर आगे टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि विभाग ने दोहराया कि की गई सभी कार्रवाई भारतीय वन अधिनियम 1927 और संबंधित नियमों के तहत पूरी तरह कानून सम्मत है। साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि बिना तथ्य सत्यापित किए इस प्रकार के आरोप प्रकाशित करने से न केवल आम जनता गुमराह होती है बल्कि चल रही कानूनी प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया