दिल्ली की तर्ज पर कठुआ में भी सर्वदलीय हल्लाबोल, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग -बैरिकेड तोड़ने और सचिवालय में घुसने का प्रयास
कठुआ, 07 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच बुधवार को कठुआ में भी विभिन्न राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर हल्लाबोल किया। कांग्रेस, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, राष्ट्रीय जनता दल सहित विभिन्न दलों के कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और कालीबाड़ी से जिला सचिवालय तक विरोध मार्च निकालते हुए जिला सचिवालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कालीबाड़ी से शुरू हुआ मार्च जिला सचिवालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड हटाने और तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने जिला सचिवालय परिसर के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में सवाल उठाए जा रहे हैं और इसी क्रम में दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
कठुआ में विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान जिला सचिवालय के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। बैरिकेड पार करने के प्रयास के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई। सर्वदलीय प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कठुआ में आयोजित यह प्रदर्शन दिल्ली में चल रहे आंदोलन की कड़ी है और विभिन्न राजनीतिक दलों ने पार्टीगत मतभेदों से ऊपर उठकर एक मंच पर आकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया