भारी बारिश के बाद झेलम नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा लेकिन जलस्तर खतरे के निशान से नीचे

 

श्रीनगर, 23 जुलाई (हि.स.)। कश्मीर में भारी बारिश के बाद गुरुवार को झेलम नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा जिसके चलते बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने इस पर कड़ी निगरानी रखी। हालांकि तीनों प्रमुख जलमापी केंद्रों पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे ही रहा।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार सबसे अधिक जलस्तर संगम में दर्ज किया गया जहां शाम करीब 5 बजे नदी का जलस्तर 19.5 फीट तक पहुंच गया जबकि खतरे का निशान 25 फीट है।

श्रीनगर के राम मुंशीबाग में शाम करीब 5 बजे नदी का जलस्तर 17 फीट तक पहुंच गया जो खतरे के निशान 21 फीट से नीचे रहा। आशम में नदी के निचले हिस्से में शाम करीब 5 बजे जलस्तर 10 फीट तक पहुंच गया जो खतरे के निशान 16.5 फीट से काफी नीचे है।

विभाग के हाइड्रोग्राफ से पता चला है कि बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक संगम में जलस्तर में सबसे तेज वृद्धि हुई और नदी का जलस्तर दिन भर बढ़ता रहा। राम मुंशीबाग और आशम में भी जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई हालांकि यह वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी गति से हुई। अधिकारियों ने जलस्तर में वृद्धि का कारण लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से बहकर आने वाले पानी को बताया।

झेलम नदी के लिए कोई बाढ़ चेतावनी जारी नहीं की गई है लेकिन अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों और नदी तटों पर रहने वाले निवासियों को लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता