डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में महिला वीडीजी बनीं आतंकवाद के खिलाफ मजबूत ढाल
जम्मू,, 14 जनवरी (हि.स.)। डोडा, किश्तवाड़ और रामबन के पहाड़ी इलाकों में सैकड़ों महिला ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) सदस्यों ने आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा संभालते हुए अपनी बहादुरी और क्षमता साबित की है।
1990 के दशक की शुरुआत से हथियार उठाकर गांवों की सुरक्षा में जुटीं ये महिलाएं उस समय एक मजबूत सुरक्षा कवच बनीं जब रोज़गार के लिए पुरुष सदस्य बाहर चले जाते हैं और गांव खाली हो जाते हैं।
भद्रवाह के एसपी विनोद शर्मा ने बताया कि विशेष रूप से चेनाब क्षेत्र में सर्दियों के दौरान कई गांवों में पुरुषों की अनुपस्थिति रहती है जिससे आतंकियों की गतिविधियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने महिलाओं को वीडीजी के रूप में प्रशिक्षित करने की पहल की। उन्हें आतंकियों से निपटने की रणनीति और सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया जिसके सकारात्मक और प्रभावी परिणाम सामने आए हैं। इन साहसी महिलाओं ने साबित किया है कि वे देश की सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर किसी से कम नहीं हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता