फारूक अब्दुल्ला, उमर फारूक और अन्य नेताओं ने कुलगाम में एक दिन पहले हुए आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की कड़ी निंदा की
श्रीनगर, 01 अगस्त (हि.स.)। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु उमर फारूक और अन्य नेताओं ने शनिवार को कुलगाम जिले में एक दिन पहले हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे घोर अमानवीयता करार दिया।
पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कुलगाम के देवसर इलाके में दो गैर-स्थानीय मजदूरों की बर्बर हत्या की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार उमर अब्दुल्ला ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि पार्टी शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और प्रार्थना करती है कि उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति मिले। पार्टी ने कहा कि ऐसे संवेदनशील व्यक्तियों को निशाना बनाना घोर अमानवीयता का कृत्य है जिसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
शुक्रवार देर शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में दीपक रत्रय और बोपिंदर की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि रत्रय को अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी चोटों के कारण मौत हो गई जबकि बोपिंदर को पहले जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया और बाद में सौरा स्थित एसकेआईएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई।
सीपीआई (एम) नेता और कुलगाम विधायक एम वाई तारिगामी ने इसे बर्बर कृत्य बताते हुए कहा कि कुलगाम में दो विदेशी मजदूरों की हत्या की मैं कड़ी निंदा करता हूं। ये प्रवासी मजदूर हजारों किलोमीटर की यात्रा करके ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाते हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन पर हमला करना घोर बर्बरता है। इस तरह की बर्बर हिंसा अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
कश्मीर के प्रमुख उपदेशक मीरवाइज उमर फारूक ने भी इन हत्याओं की निंदा की और जोर देकर कहा कि हिंसा से बचना चाहिए। एक बयान में मीरवाइज ने कहा कि इस्लाम प्रत्येक निर्दोष मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान करता है और निर्दोष व्यक्तियों की हत्या की स्पष्ट रूप से निंदा करता है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से जीविका कमाने आए गरीब मजदूरों को निशाना बनाना इस्लाम की शिक्षाओं और मानवता के मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है। चाहे यहाँ हो या कहीं और निर्दोषों का खून बहाना केवल और अधिक पीड़ा और दुख लाता है।
मीरवाइज़ ने यह भी कहा कि हिंसा को एक साधन के रूप में त्याग देना चाहिए, इसके बजाय, सुलह, संवाद और सहयोग की नीति ही दक्षिण एशिया को सभी लोगों के लिए अधिक शांतिपूर्ण और बेहतर स्थान बनाने का मार्ग है।
जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने भी आतंकी हमले की निंदा करते हुए इसे शांति भंग करने के उद्देश्य से किया गया कायरतापूर्ण और बर्बर कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में हुए दो हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। ठाकुर ने कहा कि यह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। जब (अमरनाथ) यात्रा चल रही है और घाटी में पर्यटकों की भारी भीड़ है तब कश्मीर की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने के लिए इस तरह के आतंकी हमले किए जाते हैं। अपनी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अशरफ मीर ने कहा कि हमलावरों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए लेकिन निर्दोष लोगों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन कश्मीर के लोग इसे समझ चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर सरकार के खिलाफ प्रेस एन्क्लेव में हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मीर ने कहा कि मैं उपराज्यपाल प्रशासन से अपील करता हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए लेकिन निर्दोष लोगों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। कुलगाम हमले से ठीक 10 दिन पहले अनंतनाग में एक और घटना हुई थी जिसमें आतंकवादियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
फरवरी 2024 में श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में एक आतंकवादी ने पंजाब के दो प्रवासी श्रमिकों, अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता