बिजली कटौती से नाराज सीमावर्ती किसानों का जेपीडीसीएल कार्यालय पर प्रदर्शन, धान की फसल बचाने के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की मांग
जम्मू, 06 जुलाई (हि.स.)। सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से जारी बिजली कटौती के विरोध में सोमवार को सैकड़ों किसानों ने जम्मू विश्वविद्यालय के निकट स्थित जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने धान की फसल को बचाने के लिए तत्काल नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। प्रदर्शकारियों ने जेपीडीसीएलके प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों पर किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धान की रोपाई के सबसे महत्वपूर्ण समय में बिजली विभाग निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती गांवों में प्रतिदिन लगभग 16 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है जिससे सिंचाई के लिए लगाए गए पंप नहीं चल पा रहे हैं और धान की पौध सूखने लगी है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी, उमस और कम बारिश के बीच किसान पहले ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बिजली न मिलने से धान की पूरी फसल बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है जिससे हजारों किसान परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने और कृषि कार्यों के लिए नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की। उन्होंने लंबे समय से जारी बिजली संकट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि सोमवार सुबह 11:30 बजे साई पावर स्टेशन पर मैकेनिकल विंग और पावर डेवलपमेंट विभाग की संयुक्त टीम निरीक्षण करेगी। दोनों विभागों के संबंधित कार्यकारी अभियंता प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए आवश्यक कदम तय करेंगे। वहीं प्रदर्शकारियों ने व्यासपुर गांव में 6.3 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना में करीब दस महीने की देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के बाद मैकेनिकल एक्सईएन सुरिंदर कुमार ने शनिवार तक ट्रांसफार्मर स्थापित कराने का आश्वासन दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा