कठुआ में किसानों व मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन, केंद्र की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा

 


कठुआ, 10 अगस्त (हि.स.)। देशभर में चल रहे किसान-मजदूर आंदोलन की कड़ी में सोमवार को जिला कठुआ में भी किसानों और मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक और भवन निर्माण कामगार यूनियन कठुआ के संयुक्त बैनर तले आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने भाग लिया।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों और मजदूरों को दबाने तथा कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि हाल में लागू किए जा रहे लेबर कोड मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करेंगे और औद्योगिक इकाइयों में मिलने वाली सुरक्षा व्यवस्था को खत्म कर देंगे।

प्रदर्शन के दौरान लेबर कोड अधिनियम को तुरंत वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से मजदूरों के अधिकार छिन जाएंगे और उनका शोषण बढ़ेगा।

किसानों ने भी अपनी समस्याएं रखते हुए केंद्र सरकार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बिजली बिल और स्मार्ट मीटर योजना किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की कोशिश है जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं। किसानों ने केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के तहत लिए गए कर्ज को माफ करने की भी मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब सरकार की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में भी किसानों को कम से कम तीन महीने तक मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं जबकि किसान और मजदूर वर्ग लगातार दबाव में है।

किसान-मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने किसान और मजदूर विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया