भ्रष्टाचार मामले में आरईडब्लू के पूर्व इंजीनियर और अर्दली को चार साल की सजा

 

श्रीनगर, 14 अगस्त (हि.स.)। श्रीनगर की विशेष भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने शुक्रवार को रिश्वत के एक ट्रैप मामले में रूरल इंजीनियरिंग विंग (आरईडब्लू) गांदरबल के पूर्व एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और एक अर्दली को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को चार साल की साधारण कैद और हर आरोप पर 10 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई।

एसीबी के प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर के विशेष भ्रष्टाचार-रोधी न्यायाधीश ने (अब एसीबी) श्रीनगर द्वारा दर्ज ट्रैप मामले में आरईडब्लू गांदरबल के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गुलाम नबी डार और तत्कालीन अर्दली मोहम्मद शमीम पर्रा को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को चार-चार साल की साधारण कैद और हर आरोप पर 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई और ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

उन्होंने बताया कि यह मामला एसीबी की एफआईआर नंबर 02/2014) एक ठेकेदार के बिल की प्रोसेसिंग के दौरान रिश्वत लेने के संबंध में दर्ज किया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि अदालत ने दोनों को जम्मू कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत दोषी पाया।उन्होंने बताया कि अदालत में इस मामले की पैरवी एसीबी के विशेष लोक अभियोजक वजाहत जमील ने की।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह