ईओडब्ल्यू कश्मीर ने करोड़ों रुपये के ज़मीन धोखाधड़ी के मामलों में लंबे समय से फ़रार आरोपी को किया गिरफ़्तार
श्रीनगर, 27 सितंबर(हि.स.)। जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने श्रीनगर के सब-जज की अदालत के आदेशों के बाद धोखाधड़ी, जालसाजी और ज़मीन के फर्जी लेन-देन से जुड़े कई मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोम नाथ कौल के तौर पर हुई है जो कैलाश नाथ कौल के बेटे हैं। मूल रूप से वे लोटस टॉवर, बैंगलोर नॉर्थ, कर्नाटक के रहने वाले बताए जाते हैं और फिलहाल जम्मू के जानीपुर में रह रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि अदालत के आदेशों का पालन करने और आरोपी का पता लगाने के लिए ईओडब्ल्यू कश्मीर की एक विशेष टीम बनाई गई थी। लगातार कोशिशों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद टीम उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने में सफल रही। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी कई सालों से फरार था।
इस दौरान उसका पता लगाने की कोशिश में कई बार 'ह्यू एंड क्राई' नोटिस (फरार व्यक्ति की सूचना देने के लिए सार्वजनिक नोटिस) जारी और प्रकाशित किए गए थे। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह पकड़े जाने से बचने के लिए अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल कर रहा था।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और प्रवासियों की संपत्तियों से जुड़े ज़मीन के फर्जीवाड़े के आरोप में पांच मामले दर्ज किए गए हैं। बताया जा रहा है कि ये मामले ज़मीन के लेन-देन में नकली 'पावर ऑफ अटॉर्नी' और बिक्री समझौतों के कथित इस्तेमाल से जुड़े हैं। इनमें से एक मामले में जांच एजेंसी ने पहले ही सीआरपीसी की धारा 512 के तहत आरोपी की गैर-मौजूदगी में चार्जशीट दाखिल कर दी थी क्योंकि आरोपी कार्यवाही के लिए उपलब्ध नहीं था।
जांच के दौरान आरोपी पर आरोप है कि उसने ज़मीन के सौदों के लिए लोगों को राज़ी करते समय अलग-अलग नाम इस्तेमाल किए जैसे सोम नाथ कौल, बृज नाथ भट्ट, मोहन लाल धर और हादी नाथ धर। जांच में करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप भी सामने आए हैं, जो दूसरे लोगों की मिलीभगत से की गई थी।
एजेंसी वित्तीय लेन-देन, प्रॉपर्टी के सौदों और दूसरे आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है। ईओडब्ल्यू ने आगे बताया कि इसी मामले में पिछले हफ़्ते गुलाम मोहि-उद-दीन डार (पिता अब्दुल खालिक डार, निवासी जवालापोरा सैमसन, बडगाम) को गिरफ़्तार किया गया था और वह भी इस मामले में शामिल पाया गया था। सोम नाथ कौल (उर्फ़ बृज नाथ भट्ट, उर्फ़ हादी नाथ धर, उर्फ़ मोहन लाल धर) की गिरफ़्तारी क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज मामलों की चल रही जांच का हिस्सा है। जांच जारी है और ईओडब्लू कथित वित्तीय गड़बड़ियों के पूरे दायरे का पता लगाने, शामिल ज़मीन के सौदों की पहचान करने और अपराधों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका तय करने पर काम कर रही है। इस बीच ईओडब्ल्यू कश्मीर ने लोगों से अपील की है कि वे प्रॉपर्टी और वित्तीय लेन-देन करते समय सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध आर्थिक धोखाधड़ी की सूचना अधिकारियों को दें।
हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता