वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, जागरूकता को बताया सशक्तिकरण की कुंजी

 


जम्मू, 24 अगस्त (हि.स.)। जल शक्ति, वन पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि वन अधिकार कानून (एफआरए) का प्रभावी क्रियान्वयन जनजातीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए जरूरी है। वह विश्वविद्यालय जम्मू में गुज्जर बकरवाल स्टूडेंट्स एलायंस द्वारा आयोजित वन अधिकार कानून का क्रियान्वयन एवं आगे की राह विषय एक दिवसीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।

राणा ने कहा कि पात्र समुदायों को एफआरए के प्रावधानों की पर्याप्त जानकारी होना आवश्यक है ताकि वे कानूनी दायरे में अपने अधिकारों और योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सहभागिता और सामूहिक प्रयास ही कानून के प्रावधानों को वास्तविक अधिकारों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंत्री ने संबंधित विभागों, जमीनी संस्थाओं और समुदाय प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। सेमिनार में वन अधिकारों की मान्यता, संस्थागत व्यवस्था, सामुदायिक भागीदारी और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई। राणा ने जीबीएसए के प्रयासों की सराहना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया