कठुआ में फसल विविधीकरण पर जोर, किसानों को स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती अपनाने की सलाह

 


कठुआ, 14 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि विभाग कठुआ की ओर से समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के प्रोजेक्ट-16 के तहत वैकल्पिक कृषि प्रणाली पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिला उपायुक्त राजेश शर्मा ने किसानों को फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

डीसी ने कहा कि किसान अपनी भूमि और स्थानीय जलवायु के अनुकूल स्ट्रॉबेरी व ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती अपनाकर आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बनी, बसोहली, बिलावर और कंडी क्षेत्र के किसानों से वैकल्पिक खेती की संभावनाएं तलाशने तथा युवाओं से कृषि एवं इससे जुड़ी गतिविधियों को रोजगार का साधन बनाने की अपील की। उन्होंने संबंधित विभागों को सरकारी योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाने और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से वैज्ञानिक खेती व संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीसी ने पांच किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए।

मुख्य कृषि अधिकारी जितेंद्र कुमार खजूरिया ने प्रोजेक्ट-16 के तहत चल रहे सात क्लस्टरों, 92 वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों और दो व्यावसायिक वर्मी कम्पोस्ट संयंत्रों की जानकारी दी। कार्यशाला में कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से अवगत कराया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया