कश्मीर में शिक्षण संस्थान दो दिन बंद रहेंगे: सकीना इटू

 

श्रीनगर, 01 मार्च (हि.स.)।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में घाटी भर में हो रहे व्यापक प्रदर्शनों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने एहतियात के तौर पर शिक्षण संस्थानों को दो दिन के लिए बंद करने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने स्कूलों और सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को एहतियात के तौर पर बंद करने का निर्णय लिया है।

मंत्री ने कहा कि हमने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को दो दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और जमीनी स्थिति का आकलन करने के बाद ही शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय लेगी।

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर में व्यापक प्रदर्शन शुरू हो गए। गौरतलब है कि दो महीने से अधिक की शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार को आठवीं कक्षा तक के स्कूल फिर से खुलने के लिए पूरी तरह तैयार थे।

इससे पहले 23 फरवरी को कश्मीर मंडल और जम्मू मंडल के शीतकालीन क्षेत्रों में 70 दिनों से अधिक के शीतकालीन अवकाश के बाद नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू हुईं। सरकार ने नौवीं कक्षा और उससे आगे के छात्रों को 11 दिसंबर 2025 से 22 फरवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश मनाने का आदेश दिया था। 25 नवंबर को स्कूल शिक्षा विभाग (एसईडी) ने कश्मीर मंडल और जम्मू मंडल के शीतकालीन क्षेत्रों के लिए चरणबद्ध तरीके से शीतकालीन अवकाश की घोषणा की थी।

एसईडी ने एक आदेश में कहा था कि पूर्व-प्राथमिक (बालवाटिका) कक्षाओं के लिए अवकाश 26 नवंबर से 28 फरवरी 2026 तक रहेगा। मध्य कक्षाओं से लेकर आठवीं कक्षा तक के लिए विभाग ने कहा था कि अवकाश 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक रहेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि 9वीं से 12वीं कक्षा तक की शीतकालीन अवकाश 11 दिसंबर से 22 फरवरी तक रहेगी। शिक्षा विभाग (एसईडी) ने शिक्षण संकाय को अवकाश अवधि के दौरान सभी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध रहने का आदेश दिया था। शिक्षण कर्मचारियों को स्कूलों को खोलने की व्यवस्था करने के लिए 20 फरवरी, 2026 को अपने-अपने विद्यालयों में वापस रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया था।

हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता