शिक्षा और नवाचार लद्दाख के 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान को गति देंगे: उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता
लेह, 05 फ़रवरी (हि.स.)। लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने आज तारू स्थित लद्दाख विश्वविद्यालय (यूओएल) परिसर का दौरा किया और लद्दाख के भविष्य को आकार देने तथा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से बातचीत करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख विश्वविद्यालय जैसे संस्थान भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से हुई तीव्र प्रगति की सराहना की और इसे लद्दाख की आकांक्षाओं, लचीलेपन और बौद्धिक शक्ति का प्रतीक बताया। विश्व स्तरीय शिक्षण और उन्नत प्रयोगशाला अवसंरचना की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने जीनोम अनुक्रमण, आईसीपी-एमएस, एक्सआरडी और केंद्रीकृत अंतःविषयक विज्ञान उपकरण केंद्र (सीआईएसआईसी) जैसी सुविधाओं के लिए विशेष प्रशंसा व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऐसी अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता उच्च शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में लद्दाख की उभरती पहचान को दर्शाती है। उपराज्यपाल ने उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय जिसने कुछ ही पाठ्यक्रमों से शुरुआत की थी अब लगभग 72 शैक्षणिक कार्यक्रम प्रदान कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता