विभाजन की त्रासदी को याद कर शांति और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश, सीयू जम्मू में ई-प्रदर्शनी, नाटिका और तिरंगा रैली का आयोजन
जम्मू, 14 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सहयोग से शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया। कुलपति प्रो. संजीव जैन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में 1947 के विभाजन के दौरान विस्थापन और त्रासदी झेलने वाले लोगों की स्मृतियों को याद किया गया तथा शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दुर्लभ तस्वीरों और ऐतिहासिक अभिलेखों पर आधारित ई-प्रदर्शनी से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और स्वागत संबोधन हुआ। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रितु बख्शी ने विभाजन के दौरान लाखों लोगों के विस्थापन और उसके दूरगामी प्रभावों का उल्लेख करते हुए शांति, एकता और मानवीय संवेदना को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में प्रस्तुत नाटिका के माध्यम से विभाजन के दौरान लोगों के विस्थापन, संघर्ष और कठिन परिस्थितियों को दर्शाया गया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त उपनिदेशक स्वास्थ्य एवं पीओजेके विस्थापित सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक कपूर ने विभाजन प्रभावित लोगों के अनुभवों और विस्थापन की पीड़ा पर अपने विचार साझा किए।
कुलपति प्रो. संजीव जैन ने कहा कि विभाजन के अनुभवों और उसके कारणों को याद करना इसलिए जरूरी है ताकि युवा पीढ़ी अतीत से सीख सके। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को समझने, राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा में भाग लेने तथा देश की एकता, प्रगति और कल्याण में योगदान देने का आह्वान किया। कुलसचिव प्रो. यशवंत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के बाद कुलपति प्रो. संजीव जैन ने तिरंगा रैली को रवाना किया। रैली में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकाली गई रैली के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, शांति और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा