डॉ. करण सिंह ने चरार-ए-शरीफ का दौरा कर कश्मीर में अलग-अलग धर्मों के बीच भाईचारे को किया उजागर
श्रीनगर, 28 जून (हि.स.)। पूर्व सदर-ए-रियासत डॉ. करण सिंह ने अपनी बेटी के साथ रविवार को मशहूर चरार-ए-शरीफ दरगाह का दौरा किया और चादर व दान चढ़ाया।
उन्होंने कहा कि उनका यह दौरा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला का हालिया खीर भवानी मंदिर का दौरा कश्मीर में सदियों से चले आ रहे आपसी भाईचारे की परंपरा का प्रतीक है।
दरगाह पर स्थानीय पुजारी ने डॉ. सिंह की सेहत और सलामती के लिए दुआ की और याद दिलाया कि उनके परिवार की कई पीढ़ियों ने इस दरगाह का दौरा किया है।
डॉ. सिंह ने कहा, उनमें से एक ने बताया कि मेरे पिता ने बेटे की मन्नत मांगते हुए यहाँ एक हरा रिबन बांधा था और मेरे जन्म के बाद उसे खोलने के लिए वापस आए थे। उन्होंने दोबारा बनाई गई ज़ियारत (दरगाह) को देखकर खुशी भी ज़ाहिर की।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला का हालिया खीर भवानी मंदिर का दौरा और उनका खुद का चरार-ए-शरीफ का दौरा कश्मीर में अलग-अलग धर्मों के बीच सदियों से चले आ रहे भाईचारे की परंपरा को दर्शाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह