जम्मू-श्रीनगर मेट्रोलाइट के लिए डीपीआर केंद्र को भेजी गई, अंतिम मंजूरी का इंतजार: सरकार
जम्मू, 04 फरवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि जम्मू और श्रीनगर के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड मेट्रोलाइट सिस्टम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचए) को मूल्यांकन और वित्तपोषण के लिए प्रस्तुत कर दी गई है।
सरकार ने कहा कि केंद्र से अंतिम प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। सदन में प्रस्तुत जवाब के अनुसार प्रशासनिक परिषद ने 13 फरवरी, 2021 को इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इसके बाद जम्मू के लिए 4,069.48 करोड़ रुपये और श्रीनगर के लिए 4,892.51 करोड़ रुपये की अनुमानित डीपीआर तैयार कर एमओएचए और भारत सरकार को विचारार्थ भेज दी गई।
सरकार ने कहा कि परियोजनाओं में दोनों राजधानियों के लिए एलिवेटेड मेट्रोलाइट कॉरिडोर बनाने की परिकल्पना की गई है। सरकार ने यह भी बताया कि डीपीआर (विस्तृत शोधपत्र) केंद्र में जांच के अधीन हैं। जवाब में कहा गया कि अभी तक केन्द्रीय गृह मंत्रालय से अंतिम मंजूरी या वित्तपोषण प्रतिबद्धता की प्रतीक्षा है।
सरकार ने विधानसभा को आगे बताया कि मेट्रोलाइट प्रणाली को मंजूरी मिलने के बाद इससे बढ़ते यातायात जाम को कम करने, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराने और दोनों शहरों में नियोजित शहरी विकास को समर्थन देने की उम्मीद है। हालांकि केंद्र के निर्णय के लंबित होने के कारण इसके प्रारंभ या संचालन की कोई समयसीमा नहीं बताई गई। सरकार ने आगे कहा कि लगभग 8,962 करोड़ रुपये की संयुक्त परियोजना लागत प्रस्तावित प्रणालियों के पैमाने और उनके कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय निधि पर निर्भर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह