डोगरी संस्था जम्मू ने गोवर्धन सिंह जम्वाल ने डोगरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में योगदान को किया याद
जम्मू, 06 जून (हि.स.)। डोगरी संस्था जम्मू द्वारा डोगरी भवन, कर्ण नगर स्थित कुँवर वियोगी स्मृति सभागार में कुँवर वियोगी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं डोगरी भाषा, साहित्य तथा संस्कृति के प्रतिष्ठित संरक्षक स्वर्गीय गोवर्धन सिंह जम्वाल की स्मृति में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की।
सभा को संबोधित करते हुए डोगरी संस्था जम्मू के अध्यक्ष ललित मगोत्रा ने गोवर्धन सिंह जम्वाल के निधन को जम्मू-कश्मीर के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि श्री जम्वाल डोगरी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों के समर्पित संरक्षक थे तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्यरत संस्थाओं को उनका निरंतर सहयोग सदैव स्मरणीय रहेगा।
प्रो. मगोत्रा ने कहा कि संस्था जब गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही थी, तब गोवर्धन सिंह जम्वाल ने कुँवर वियोगी स्मृति सभागार के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 20 लाख रुपये की उदार सहायता प्रदान कर महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उनका समर्पण, विनम्रता और दूरदर्शी सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने डोगरी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में श्री जम्वाल के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें एक उदार, संवेदनशील और दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया। वक्ताओं ने साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति उनके अटूट सहयोग तथा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया।
कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा