बुडगाम के उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएलआईसी की बैठक
बुडगाम, 20 जनवरी (हि.स.)। जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति (डीएलआईसी) की बैठक आज बुडगाम के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी), जम्मू और कश्मीर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र प्रतिस्पर्धा सुधार परियोजना (जेकेसीआईपी), एकीकृत भेड़ विकास योजना (आईएसडीएस) और एकीकृत डेयरी विकास योजना (आईडीडीएस) के तहत पात्र मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई और उन्हें मंजूरी दी गई।
बैठक के दौरान, प्रत्येक घटक के तहत प्राप्त, जांचे गए और स्वीकृत आवेदनों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
डीसी ने इस बात पर जोर दिया कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, किसानों की आय बढ़ाना और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है। तदनुसार, उन्होंने निर्देश दिया कि मंजूरी की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुपालन के साथ की जाए।
समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी गई कि पशुपालन विभाग के अंतर्गत अब तक कुल 5,233 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं जिनमें आज की डीएलआईसी में स्वीकृत 400 अतिरिक्त पात्र मामले शामिल हैं। कृषि विभाग के अंतर्गत 16,803 मामले स्वीकृत किए गए जिनमें बैठक में स्वीकृत 827 नए मामले शामिल हैं।
इसी प्रकार, डीएलआईसी में मत्स्य विभाग के अंतर्गत 10 नए मामले स्वीकृत किए गए जिससे कुल स्वीकृत मामलों की संख्या 115 हो गई। बागवानी विभाग में 3,080 स्वीकृत मामले थे जिनमें आज स्वीकृत 375 अतिरिक्त मामले शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 3,455 हो गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि रेशम उत्पादन के अंतर्गत 153 मामले पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं। भेड़ पालन के अंतर्गत 1,664 मामले पहले ही स्वीकृत किए जा चुके थे, जबकि डीएलआईसी में स्वीकृत 154 नए मामले शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 1,818 हो गई। बागवानी (बागान एवं मशीनरी) के अंतर्गत आज तक 53 मामले स्वीकृत किए गए, जिनमें आज स्वीकृत तीन मामले शामिल हैं।
यह जानकारी दी गई कि एचएडीपी के तहत बैठक से पहले 25,801 मामलों को मंजूरी दी जा चुकी थी वर्तमान डीएलआईसी में 1,769 मामलों को मंजूरी दी गई, और कुल मिलाकर अब तक 27,570 मामले हो चुके हैं।
जेकेसीआईपी की समीक्षा करते हुए बैठक को बताया गया कि कृषि विभाग के तहत पहले 1534 मामलों को मंजूरी दी जा चुकी थी जबकि आज 1373 नए मामलों को मंजूरी दी गई। मत्स्य पालन के तहत पहले 269 मामलों को मंजूरी दी जा चुकी थी, और बैठक में 23 अतिरिक्त मामलों को मंजूरी दी गई, जिससे कुल संख्या 292 हो गई।
बागवानी के तहत 16 नए मामलों को मंजूरी मिलने से स्वीकृत मामलों की संख्या 254 से बढ़कर 270 हो गई। इसी तरह, भेड़ पालन के तहत पहले ही 74 मामलों को मंजूरी दी जा चुकी थी, जबकि आज 8 नए मामलों को मंजूरी दी गई जिससे कुल संख्या 82 हो गई। बागवानी (वृक्षारोपण एवं मशीनरी) के तहत दो मामलों को मंजूरी दी गई।
जेकेसीआईपी के तहत अब तक कुल 3,554 मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है जिनमें डीएलआईसी बैठक में स्वीकृत 1,420 मामले शामिल हैं।
एकीकृत भेड़ विकास योजना के तहत यह बताया गया कि 544 मामलों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी और डीएलआईसी में 100 अतिरिक्त पात्र मामलों को मंजूरी दी गई। इसी तरह, एकीकृत डेयरी विकास योजना (आईडीडीएस) के तहत 51 नए मामलों की मंजूरी के साथ स्वीकृत मामलों की संख्या 186 से बढ़कर 237 हो गई।
डीसी ने इस बात पर जोर दिया कि स्वीकृत मामलों को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए, और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे लाभों का समय पर वितरण, नियमित जमीनी सत्यापन और परिणामों की गहन निगरानी सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि इन योजनाओं के कार्यान्वयन से बडगाम जिले में उत्पादकता, आय सृजन और रोजगार के अवसरों में ठोस सुधार होना चाहिए।
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को शेष पात्र मामलों को शीघ्रता से निपटाने, सटीक डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन प्रमुख विकास कार्यक्रमों के तहत कोई भी योग्य लाभार्थी छूट न जाए।
बैठक में सीपीओ एसीपी, सीएओ, सीएएचओ, सीएचओ, डीएसएचओ, एएमओ, एडी फिशरीज, एलडीएम, पीसी केवीके और अन्य संबंधित जिला और क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता