सूचना निदेशक ने जम्मू-कश्मीर के पहले अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की

 

श्रीनगर, 03 अगस्त (हि.स.)। सूचना निदेशक श्रेया सिंघल ने आगामी प्रथम अंतर्राष्ट्रीय जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेके) की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज मीडिया कॉम्प्लेक्स में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान निदेशक ने महोत्सव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जिसमें स्थल प्रबंधन, प्रतिनिधियों की सुविधा, आतिथ्य सत्कार, मीडिया प्रबंधन, परिवहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, तकनीकी सहायता, रसद और अन्य संबंधित व्यवस्थाएं शामिल थीं।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी हितधारकों के बीच त्रुटिरहित व्यवस्था और सुचारू समन्वय सुनिश्चित करें।

श्रेया सिंघल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का पहला संस्करण जम्मू-कश्मीर के सांस्कृतिक और सिनेमाई परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जम्मू-कश्मीर की समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, कलात्मक उत्कृष्टता और फिल्म निर्माण एवं रचनात्मक सहयोग के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में इसकी अपार क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा।

सूचना निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों और समितियों को निर्देश दिया कि वे महोत्सव से जुड़े विभागों और एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय बनाए रखें और प्रभावी तालमेल सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सुचारू, पेशेवर और उपयुक्त तरीके से आयोजित करने के लिए सावधानीपूर्वक योजना, त्वरित क्रियान्वयन और तैयारियों की निरंतर निगरानी आवश्यक है। श्रेया सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यों की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करें और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से उभरते मुद्दों का शीघ्रता से समाधान करें। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव की व्यापक पहुंच और व्यापक दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत मीडिया और प्रचार व्यवस्था पर भी जोर दिया।

निदेशक ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) की ओर से इस महोत्सव को उच्चतम पेशेवर मानकों के अनुरूप आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई जिससे यह सिनेमा का एक ऐतिहासिक उत्सव बन सके जो जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक जीवंतता, रचनात्मक आकांक्षाओं और बढ़ते वैश्विक प्रभाव को प्रतिबिंबित करे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने सूचना निदेशक को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही तैयारियों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि व्यवस्थाएं निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। उल्लेखनीय रूप से पहला आईएफएफजेके 7 से 10 सितंबर, 2026 तक आयोजित होने वाला है और इसका विषय 'रंग-ए-सिनेमा' है। इस महोत्सव का उद्देश्य भारत के सबसे विशिष्ट सांस्कृतिक परिदृश्यों में से एक में फिल्म निर्माताओं, उद्योग जगत के पेशेवरों और दर्शकों को एक साथ लाना है।

इस महोत्सव को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता, लघु फिल्म, भारत पैनोरमा जम्मू-कश्मीर सेलेक्ट आदि श्रेणियों के तहत लगभग 50 देशों से 1100 से अधिक फिल्म प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं।

जम्मू और कश्मीर के फिल्म निर्माताओं से भी महोत्सव को जबरदस्त समर्थन मिला है जिसमें उभरते फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और सिनेमा जगत से जुड़े अन्य लोगों को अपने काम और प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा मंच मिला है। बैठक में संयुक्त निदेशक सूचना (मुख्यालय) डॉ. ज़हूर अहमद रैना, संयुक्त निदेशक सूचना कश्मीर सैयद शाहनवाज़ बुखारी, संयुक्त निदेशक सूचना जम्मू दीपक दुबे, उप निदेशक सूचना (पीआर/एवी) जावेद अहमद राथर, उप निदेशक सूचना (पीआर) श्रीनगर मोहम्मद रफीक जुल्ला, उप निदेशक सूचना (मुख्यालय) जम्मू आशु कुमारी, उप निदेशक सूचना (पीआर) जम्मू मोक्ष डोगरा, उप निदेशक सूचना (मुख्यालय) कश्मीर जुबैर अहमद उपस्थित थे।

फिल्म निर्माण अधिकारी, अफाक रसूल गड्डा, विभिन्न जिलों के जिला सूचना अधिकारी, सूचना अधिकारी और विभाग के अन्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता