कश्मीर में विलो खेती के पुनरुद्धार के निर्देश, क्रिकेट बैट उद्योग को मिलेगा सहारा

 


श्रीनगर, 31 जुलाई (हि.स.)। जल शक्ति, वन पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा जनजातीय कार्य मंत्री जावेद अहमद राणा ने कश्मीर में विलो की खेती को पुनर्जीवित करने और इसके विस्तार के लिए संबंधित विभागों को समन्वित अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि क्रिकेट बैट उद्योग के लिए गुणवत्तापूर्ण लकड़ी की सतत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि कश्मीर देश में क्रिकेट बैट बनाने के लिए विशेष विलो लकड़ी का एकमात्र स्रोत है और यह उद्योग हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। उन्होंने विलो लकड़ी की घटती उपलब्धता पर चिंता जताते हुए इसे उद्योग के सामने बड़ी चुनौती बताया। राणा ने कहा कि बिना पुनरोपण के पेड़ों की कटाई और भूमि उपयोग में बदलाव के कारण विलो के क्षेत्र में कमी आई है जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि घाटी के निचले और दलदली क्षेत्रों की पहचान कर वहां बड़े स्तर पर विलो रोपण किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट उन्नत विलो प्रजातियां उपलब्ध कराएगा जबकि कृषि विभाग को भी गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विलो लकड़ी की आपूर्ति बढ़ाने, कटाई-परिवहन प्रक्रिया को सरल बनाने और कश्मीरी क्रिकेट बैट के ब्रांडिंग व जीआई टैगिंग पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि विलो संसाधनों का पुनरुद्धार न केवल उद्योग बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया