बडगाम के उपायुक्त ने 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभार्थियों के चयन पर बैठक की अध्यक्षता की

 

बडगाम, 03 मार्च (हि.स.)।

बडगाम के उपायुक्त अथर आमिर खान ने आज जिला मुख्यालय में वर्ष 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के विभिन्न घटकों के तहत लाभार्थियों के चयन की समीक्षा और अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।

यह बैठक बुडगाम स्थित सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना के तहत निजी क्षेत्र में मत्स्य पालन से संबंधित इकाइयों की स्थापना के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाई गई थी।

मत्स्य विभाग पीएमएमएसवाई के तहत उद्यमिता को बढ़ावा देने, मछली उत्पादन बढ़ाने, रोजगार सृजित करने और जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है।

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत प्रोत्साहन का लाभ उठाने के इच्छुक पात्र और इच्छुक बेरोजगार युवाओं और व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन नोटिस प्रकाशित करके और जिला वेबसाइट पर अपलोड करके व्यापक प्रचार सुनिश्चित किया गया था। सहायक निदेशक मत्स्य विभाग, बुडगाम के कार्यालय में निर्धारित समय सीमा के भीतर 220 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 106 व्यवहार्य पाए गए। बैठक में सभी व्यवहार्य 106 आवेदनों को मंजूरी दी गई।

बैठक में निदेशालय द्वारा विभिन्न घटकों के लिए आवंटित अस्थायी लक्ष्यों की समीक्षा की गई और विभिन्न गतिविधियों के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच की गई। व्यवहार्यता, पात्रता मानदंड और योजना दिशानिर्देशों के तहत सरकार द्वारा देय हिस्सेदारी के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

डीसी ने पारदर्शिता, योग्यता आधारित चयन और मामलों के समय पर निपटान पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक लाभार्थियों को सहायता मिले। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के मानदंडों का सख्ती से पालन करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि लाभ योग्य आवेदकों, विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं तक पहुंचे, ताकि जिले में स्वरोजगार और आजीविका सृजन को बढ़ावा मिल सके।

डीसी ने मत्स्य पालन क्षेत्र को आय के एक व्यवहार्य स्रोत के रूप में मजबूत करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया और विभाग को चयनित लाभार्थियों को उनकी परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने का निर्देश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता