हीरानगर काली माता मंदिर को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग, विधायक विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीसी से की मुलाकात
कठुआ, 18 मार्च (हि.स.)। जिला कठुआ की तहसील हीरानगर स्थित प्रसिद्ध काली माता मंदिर के प्रबंधन को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा से जिला सचिवालय में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हीरानगर के विधायक एडवोकेट विजय शर्मा कर रहे थे। इस दौरान करीब 10 पंचायतों के सरपंचों पंचों सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि मंदिर में चढ़ने वाला चढ़ावा और उसकी देखरेख पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में होनी चाहिए, ताकि धनराशि का उपयोग मंदिर के विकास और सुविधाओं के विस्तार में पारदर्शिता के साथ किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मंदिर की देखरेख एक व्यक्ति द्वारा की जा रही है और चढ़ावे के उपयोग को लेकर पारदर्शिता नहीं है। सदस्यों ने उदाहरण देते हुए कहा कि जसरोटा के काली माता मंदिर और घगवाल के नरसिंह भगवान मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों को सरकार द्वारा अपने नियंत्रण में लेने के बाद वहां चढ़ावे का सही उपयोग विकास कार्यों में हो रहा है। इसी तर्ज पर हीरानगर के काली माता मंदिर को भी सरकारी नियंत्रण में लिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 25 वर्षों से एक ही व्यक्ति मंदिर की देखरेख कर रहा है और लाखों रुपये का चढ़ावा एक ही हाथ में होने से दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों और पुजारियों की भागीदारी भी इसमें नहीं है, जिससे असंतोष व्याप्त है। विधायक विजय शर्मा ने कहा कि मंदिर के सुचारू संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की निगरानी में एक कमेटी गठित की जानी चाहिए, जो मंदिर के समस्त कार्यों को संभाले। उपायुक्त राजेश शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और मंदिर के प्रबंधन के लिए एक कमेटी गठित कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया