एटीएम में गार्डों की तैनाती की मांग

 


जम्मू, 10 फ़रवरी (हि.स.)। शिवसेना(यूबीटी) जम्मू-कश्मीर ईकाई ने बैंकों द्वारा एटीएम बूथों से गार्डों को हटाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि एटीएम को राम भरोसे छोड़ा जा रहा है। पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में आयोजित शनिवार को एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रमुख मनीश ने कहा कि देश में बेरोज़गारी आज सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। जहां एक तरफ सरकार बेरोज़गारी को कम करने के भरसक प्रयासों में जुटी है, वहीं अधिकांश राष्ट्रीय और निजी बैंक एटीएम बूंथो से गार्डों को हटा सरकार के प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मात्र जम्मू-कश्मीर बैंक की बात करें तो प्रदेश में जेके बैंक के करीब 1500 एटीएम जबकि विभिन्न बैंकों के ऐटीएमओ की संख्या 4000 के करीब है। जहां दो शिफ्टों में गार्डों की तैनाती है। इस निर्णय से करीब दस हजार लोगों पर बेरोज़गारी के बादल मंडराने लगे हैं। इसके साथ ही एटीएम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो हैं। उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी का डर सताने लगा है। साहनी ने कहा कि बिना गार्ड वाले एटीएम को साइबर क्रिमिनल्स या जालसाज बड़ी आसानी से निशाना बना सकते हैं। वहीं एटीएम मशीन में छेड़छाड़ करके लोगों की मदद करने के नाम पर उनके खाते से रुपये की निकासी का डर भी सताने लगा है।

साहनी ने एटीएम सेवाओं को हफ्ते के सातों दिन और दिन के चौबीस घंटे खुला रखने की तथा गार्डों की हटाने के निर्णय पर पुनर्विचार की अपील की है। साहनी ने कहा कि वह जल्द ही आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर से मुलाकात कर उक्त मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपेंगे। इस मौके पर अध्यक्ष महिला विंग मिनाक्षी छिब्बर, महासचिव विकास बख्शी, उपाध्यक्ष संजीव कोहली उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/बलवान