जम्मू-कश्मीर के उद्योगों की समस्याओं के समाधान और संगठन विस्तार पर हुआ मंथन

 


जम्मू, 13 जून (हि.स.)। लघु उद्योग भारती जम्मू-कश्मीर द्वारा कठुआ में एक दिवसीय संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जम्मू-कश्मीर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की गई तथा केंद्र शासित प्रदेश में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का आयोजन लघु उद्योग भारती की कठुआ इकाई द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक रहे। यह कार्यक्रम उनके उत्तर-पश्चिमी राज्यों के पांच दिवसीय दौरे का हिस्सा था जिसके दौरान उन्होंने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं संगठनात्मक बैठकों में भाग लिया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर क्षेत्र प्रभारी अरविंद धूमल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवीन परगाल, लघु उद्योग भारती जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, पंजाब के राज्य महासचिव विवेक राठौर, उत्तर क्षेत्र जनसंपर्क प्रमुख विक्रांत शर्मा, जम्मू-कश्मीर के राज्य महासचिव आगम जैन, राज्य कोषाध्यक्ष ईशांत गुप्ता तथा कठुआ इकाई के अध्यक्ष मनोज गोयल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति और उद्यमी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में प्रकाश चंद्र ने भारत के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश कभी “सोने की चिड़िया” के नाम से जाना जाता था और आज भी दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, तकनीक, दूरसंचार और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान लघु उद्योगों पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया जिससे एमएसएमई क्षेत्र को नई मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं क्योंकि ये रोजगार सृजन के साथ-साथ ग्रामीण और छोटे शहरी क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवीन परगल ने जम्मू-कश्मीर के उद्योगों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने एनसीएसएस पैकेज की अवधि बढ़ाने, निवेश कर चुके 602 औद्योगिक इकाइयों को लंबित लाभ जल्द जारी करने तथा जम्मू-कश्मीर के सूक्ष्म, लघु एवं मौजूदा उद्योगों के लिए नए 10 वर्षीय केंद्रीय पैकेज की मांग उठाई। इस अवसर पर दिनेश गुप्ता ने लघु उद्योग भारती की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कठुआ इकाई के नए पदाधिकारियों की घोषणा की। इसके तहत मनोज गोयल को अध्यक्ष, राजिंदर गुप्ता को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राहुल जैन को उपाध्यक्ष, पीयूष रस्तोगी को महासचिव, मोहित भाटिया और अरुण शर्मा को सचिव तथा नितीश कुमार को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा