मुख्य सचिव ने शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लिया जायजा
श्रीनगर, 30 जुलाई (हि.स.)।
मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत शहरी गरीबों के लिए आवास योजनाओं के कार्यान्वयन का मूल्यांकन करने के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग की एक व्यापक समीक्षा बैठक की।
बैठक में विद्युत विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, आवास एवं शहरी विकास विभाग के आयुक्त सचिव, जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों के आयुक्त, जम्मू-कश्मीर आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक, कोड महानिदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य नगर योजनाकार, जम्मू-कश्मीर बैंक के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि किफायती आवास तक पहुंच प्रत्येक परिवार विशेषकर शहरी गरीबों के परिवारों की सबसे मूलभूत आकांक्षाओं और आवश्यक जरूरतों में से एक है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आय का एक बड़ा हिस्सा अक्सर आवास संबंधी खर्चों में ही खर्च हो जाता है जिससे अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सीमित संसाधन ही बचते हैं।
उन्होंने कहा कि पीएमएवाई-शहरी योजना पात्र लाभार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्रदान करके एक परिवर्तनकारी सामाजिक कल्याण पहल के रूप में कार्य करती है जिससे उनका वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इससे ऐसे परिवार अपनी मेहनत से अर्जित आय को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पोषण और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार जैसी अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की ओर निर्देशित कर सकते हैं जिससे अंततः उनके दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान होता है।
मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र के कर्मचारियों को आवेदन सत्यापन, डीपीआर तैयार करने और जमा करने में तेजी लाने और लाभार्थियों को पात्र किश्तों का समय पर भुगतान आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सुनिश्चित करने के लिए और अधिक सक्रिय करें।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र शहरी गरीब परिवार को शामिल किया जाना चाहिए साथ ही पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और योजना में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षणों के माध्यम से जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने और प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी लंबित मुद्दों को सक्रिय रूप से हल करने, योजना के लाभों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को सभी प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने में सुविधा प्रदान करने पर जोर दिया ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार वंचित न रह जाए।
बैठक के दौरान, स्वास्थ्य एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव, मनदीप कौर ने पीएमएवाई-यू 1.0 और पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन का अवलोकन प्रस्तुत किया जिसमें केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों में हासिल की गई भौतिक और वित्तीय प्रगति पर प्रकाश डाला गया।
पीएमएवाई-यू 1.0 के तहत हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए आयुक्त सचिव ने बताया कि 36,412 आवासीय इकाइयों के संशोधित स्वीकृत लक्ष्य के मुकाबले 31,663 घर पहले ही पूरे हो चुके हैं जो लगभग 87 प्रतिशत की प्रभावशाली पूर्णता दर को दर्शाता है जबकि शेष घर निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं और पूर्ण होने के करीब हैं।
बैठक में पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन की समीक्षा भी की गई विशेष रूप से लाभार्थी नेतृत्व निर्माण घटक के अंतर्गत। यह बताया गया कि अब तक 2,120 घरों से संबंधित 92 विस्तृत परियोजना रिपोर्टों को मंजूरी दी जा चुकी है जिनमें से 1,379 घरों का शिलान्यास हो चुका है और विभिन्न चरणों में निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
लाभार्थी सत्यापन की स्थिति का जायजा लेते हुए आवास बोर्ड की प्रबंध निदेशक स्मिता सेठी ने बैठक को सूचित किया कि बीएलसी घटक के अंतर्गत 23,256 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 20,154 आवेदनों का सत्यापन हो चुका है जबकि शेष आवेदनों की जांच प्रक्रिया जारी है।
बैठक में पीएमएवाई-यू 2.0 के किफायती आवास भागीदारी और ब्याज सब्सिडी योजना घटकों के अंतर्गत हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। यह बताया गया कि पात्र लाभार्थियों को समय पर मंजूरी देने और योजना के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए इन घटकों के अंतर्गत आवेदनों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
बैठक का समापन कार्यान्वयन की विस्तृत जिला-वार समीक्षा के साथ हुआ जिसके दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को क्रियान्वयन की गति तेज करने, हितधारकों के बीच समन्वय में सुधार करने और जम्मू और कश्मीर में पीएमएवाई-यू के तहत स्वीकृत सभी आवास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट निर्देश जारी किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह