मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं के पूर्ण कार्यान्वयन का किया आह्वान
श्रीनगर, 09 जून (हि.स.)।मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज संबंधित प्रशासनिक सचिवों की उपस्थिति में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही व्यक्तिगत लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं के कार्यान्वयन और पूर्ण कार्यान्वयन का आकलन किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने लोगों तक सक्रिय रूप से पहुँचकर और विभिन्न संचार माध्यमों के माध्यम से जन जागरूकता पैदा करके इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को पूर्ण रूप से लाभान्वित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को विभिन्न योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों और पहले से ही कवर किए गए लाभार्थियों के बीच के अंतर को पाटने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक लक्षित लाभार्थी तक समयबद्ध तरीके से पहुँचे। जमीनी स्तर पर पहुँच के महत्व पर जोर देते हुए दुल्लू ने योजनाओं के तहत सभी पात्र व्यक्तियों और परिवारों की पहचान करने और उन्हें नामांकित करने के लिए ठोस कार्य योजनाओं के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को उनके लिए निर्धारित लाभ मिले और पात्र व्यक्तियों को लाभ से वंचित रखना जनता के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने विभागों को अपनी-अपनी योजनाओं की आवधिक समीक्षा करने और प्रत्येक प्रशासनिक स्तर पर मापने योग्य लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को व्यवस्थित और कुशल तरीके से लाभ मिल सके।
इससे पहले योजना विकास एवं निगरानी विभाग की आयुक्त सचिव आर. एलिस वाज़ ने बैठक को सूचित किया कि केंद्र शासित प्रदेश में वर्तमान में 18 विभागों के माध्यम से कुल 66 लाभार्थी-उन्मुख योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ये योजनाएं लोगों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करने के लिए बनाई गई हैं और उनके सामाजिक-आर्थिक कल्याण में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विस्तृत प्रस्तुति देते हुए आयुक्त सचिव ने प्रत्येक योजना के अंतर्गत लक्षित लाभार्थी समूहों और नकद हस्तांतरण, खाद्य सुरक्षा, आवास सहायता, स्वास्थ्य सेवाएँ, शैक्षिक सहायता और आजीविका संवर्धन पहलों के माध्यम से दी जा रही सहायता की प्रकृति का विवरण दिया।
बैठक में बताया गया कि लागू की जा रही 66 योजनाओं में से 21 सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा, आठ स्वास्थ्य विभाग द्वारा, सात-सात कृषि उत्पादन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा, तीन जनजातीय मामलों के विभाग द्वारा चलाई जा रही हैं जबकि शेष योजनाएं अन्य विभागों द्वारा कार्यान्वित की जा रही हैं।
बैठक के दौरान कई प्रमुख और उच्च प्रभाव वाली योजनाओं की समीक्षा की गई जिनमें कृषि विभाग की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-किसान और कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन, पशुपालन विभाग का राष्ट्रीय पशुधन मिशन, बागवानी विभाग की पीएम माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज फॉर्मलाइजेशन (पीएमएफएमई) योजना, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की वन नेशन वन राशन कार्ड पहल, ग्रामीण विकास विभाग की पीएमएवाई-ग्रामीण और हिमायत, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम विश्वकर्मा इसके अलावा सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह