कश्मीर की क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी के मामले में ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
श्रीनगर, 22 अक्टूबर (हि.स.)।कश्मीर अपराध शाखा की विशेष अपराध शाखा ने जम्मू और कश्मीर ग्रामीण बैंक लालपोरा, कुपवाड़ा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अभिषेक प्रजापत के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और बैंक तथा ग्राहक निधि के दुरुपयोग के आरोपों से संबंधित मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार आरोप पत्र न्यायिक निर्णय के लिए कुपवाड़ा जिले के सोगम, लोलाब स्थित प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किया गया। यह मामला जम्मू और कश्मीर ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय कुपवाड़ा के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ जिसे भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी), जम्मू और कश्मीर ने आवश्यक कार्रवाई के लिए अपराध मुख्यालय को अग्रेषित किया था।
कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा प्रारंभिक सत्यापन के बाद 13 मई, 2026 को पुलिस स्टेशन विशेष अपराध शाखा, कश्मीर अपराध शाखा में एफआईआर संख्या 09/2026 दर्ज की गई और कानून के अनुसार जांच शुरू की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि आरोपी ने विभिन्न ग्राहक खातों से 1.19 लाख रुपये अपने निजी बैंक खाते में स्थानांतरित किए थे जिसका बहाना ऋण दस्तावेज़ीकरण, फाइल शुल्क और अन्य संबंधित खर्चे बताए गए थे। जांच में आधिकारिक बैंक व्यय खातों से 25,850 रुपये के कथित गबन का भी खुलासा हुआ। इसके अतिरिक्त 24,100 रुपये को कथित तौर पर अनुचित व्यय के रूप में दिखाया गया जिसके परिणामस्वरूप बैंक को कुल मिलाकर 49,950 रुपये का नुकसान हुआ।
बयान में आगे कहा गया है कि इस मामले में शुरू की गई विभागीय कार्यवाही के बाद अभिषेक प्रजापत को 13 फरवरी, 2025 को जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक की सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया था। आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 409 और 420 के तहत दायर किया गया है जो क्रमशः आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित हैं, साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 193 भी लगाई गई है।
मामला अब कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही के लिए सक्षम न्यायालय के समक्ष है। इस बीच जम्मू और कश्मीर की क्राइम ब्रांच ने जनता से वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया है ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता