जम्मू में फर्जी 10वीं की मार्कशीट से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप

 

जम्मू,, 24 अक्टूबर (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा जम्मू ने कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी करीब दो दशकों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरनिया में डेंटल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत बताया गया है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी की पहचान सोहन लाल सिंह के रूप में हुई है। मामले में उनके दिवंगत पिता वीर सिंह का नाम भी शामिल है। दोनों के खिलाफ जम्मू की चौथी अतिरिक्त मुंसिफ अदालत में चार्जशीट पेश की गई है।

यह मामला जम्मू-कश्मीर सीआईडी मुख्यालय से प्राप्त एक सूचना के आधार पर सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोहन लाल सिंह ने बिहार या उत्तर प्रदेश से कथित तौर पर जारी फर्जी दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्र और मार्कशीट के आधार पर डेंटल असिस्टेंट की सरकारी नौकरी हासिल की थी।

डीएसपी विशाल शर्मा के नेतृत्व में की गई जांच में क्राइम ब्रांच ने पाया कि आरोपी ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार दसवीं की परीक्षा पास नहीं की थी।

पुलिस के मुताबिक जम्मू की फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में मार्कशीट पर मिटाए गए विवरण और रासायनिक बदलाव के संकेत मिले। स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि से संबंधित विसंगतियां भी सामने आईं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी के पिता वीर सिंह जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में चालक के रूप में काम करते थे ने अपने बेटे के लिए कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज हासिल किए थे। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर डेंटल असिस्टेंट का प्रशिक्षण पूरा कर जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से सरकारी नियुक्ति प्राप्त की गई।

क्राइम ब्रांच ने एफआईआर नंबर 55/2025 में रणबीर दंड संहिता की धाराओं 420, 465, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत चार्जशीट दाखिल की है। मामले में आरोपों का अंतिम फैसला अदालत करेगी।

एसएसपी क्राइम ब्रांच आर्थिक अपराध शाखा जम्मू ने लोगों से आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी विभाग को देने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता