कांग्रेस लोगों को गुमराह कर रही है: एडवोकेट देवराज शर्मा
जम्मू, 20 जनवरी (हि.स.)।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के कार्यकारी सदस्य एडवोकेट देवराज शर्मा ने आज जम्मू-कश्मीर कांग्रेस नेताओं पर विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी ग्राम जी) अधिनियम के बारे में जानबूझकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह नया कानून रोजगार के अधिकार और देश भर में ग्रामीण विकास को और मजबूत करेगा।
यहां जारी एक बयान में अधिवक्ता देवराज शर्मा ने कांग्रेस पार्टी द्वारा 10 जनवरी को शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी आंदोलन एमजीएनआरईजीए बचाओ संग्राम का जिक्र किया जो यूपीए सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) की जगह लेने वाले वीबी-जी-आरएएमजी अधिनियम के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस यह झूठा दावा करके लोगों को गुमराह कर रही है कि नए कानून के तहत रोजगार केवल चुनिंदा पंचायतों तक ही सीमित रहेगा।
ऐसे दावों को “बेबुनियाद और भ्रामक” बताते हुए एडवोकेट देवराज ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम के बारे में गलत जानकारी फैलाकर कांग्रेस नेता जनहित में काम करने के बजाय अपनी विश्वसनीयता को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने अपने मूल विचार और विचारधारा को त्याग दिया है। आज मार्गदर्शक सिद्धांत ‘राष्ट्र पहले’ और समग्र विकास है। वीबी-जी ग्राम जी अधिनियम का उद्देश्य गांवों को मजबूत करना और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाना है।
एमजीएनआरईजीए की “आत्मा” को नष्ट किए जाने के कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए एडवोकेट देवराज शर्मा ने दावा किया कि यूपीए सरकार ने काम के अधिकार की बात केवल कागजों पर ही की जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण रोजगार पर लगभग 9 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।जबकि यूपीए सरकार के दौरान लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता