जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस ने “एमजीएनआरईजीए बचाओ संग्राम” अभियान को और तेज़ किया

 

जम्मु, 20 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस परिषद (जेकेपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा शुरू किए गए एमजीएनआरईजीए बचाओ संग्राम अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी के जन जागरूकता अभियान को जारी रखा। यह अभियान केंद्र सरकार द्वारा ऐतिहासिक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) का नाम बदलने के फैसले के विरोध में आर.एस.पुरा ब्लॉक के मेशियान पंचायत के टूटरे गांव में चलाया गया।

इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन तरसेम लाल द्वारा किया गया था जिसका उद्देश्य लोगों को इस कदम के दूरगामी प्रभावों से अवगत कराना और भारत के सबसे परिवर्तनकारी कल्याणकारी कानूनों में से एक के समर्थन में जनमत जुटाना था। भल्ला के साथ उपस्थित प्रमुख लोगों में जम्मू ग्रामीण जिला अध्यक्ष नीरज कुंदन जम्मू-कश्मीर पुलिस परिषद के महासचिव अमृत बाली, जम्मू-कश्मीर पुलिस परिषद के सचिव पवन भगत और ब्लॉक अध्यक्ष यश पाल शामिल थे।

जम्मू-कश्मीर की जमीनी हकीकतों पर प्रकाश डालते हुए जम्मू-कश्मीर पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि लोग बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, घटते रोजगार के अवसरों, एमजीएनआरईजीए भुगतान में देरी, कार्यदिवसों में कमी, कृषि संकट और जमीनी स्तर पर प्रभावी शासन के अभाव से जूझ रहे हैं।

उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण परिवार जो जीवनयापन के लिए एमजीएनआरईजीए पर बहुत अधिक निर्भर हैं, नीतिगत उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता के कारण और भी अधिक आर्थिक असुरक्षा की ओर धकेले जा रहे हैं। रमन भल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के सामने मौजूद अन्य ज्वलंत मुद्दों को भी उठाया जिनमें युवा बेरोजगारी, नियमित भर्ती को लेकर अनिश्चितता, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, कमजोर स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा अवसंरचना और जमीनी स्तर पर निर्वाचित लोकतांत्रिक संस्थाओं का अभाव शामिल है। उन्होंने कहा कि इन गंभीर समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार दिखावटी बदलावों के जरिए ध्यान भटका रही है जिनसे न तो रोजगार सृजित हो रहे हैं और न ही आम नागरिकों को कोई राहत मिल रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता