गुज्जर-बकरवाल बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: राजयसभा सांसद खटाना

 


जम्मू, 23 जून (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने सोमवार को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर गुज्जर-बकरवाल समुदाय की शैक्षणिक जरूरतों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वार्षिक प्रवास (माइग्रेशन) का मौसम शुरू होने के बावजूद माइग्रेटरी स्कूलों में अभी तक सीजनल टीचरों की तैनाती नहीं की गई है जिससे हजारों जनजातीय बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खटाना ने कहा कि हर वर्ष गुज्जर-बकरवाल परिवार ऊंचे इलाकों की ओर मौसमी प्रवास करते हैं और सरकार को पहले से ही सीजनल टीचरों की नियुक्ति की तैयारी करनी चाहिए थी। उन्होंने इस देरी को “अक्षम्य और भेदभावपूर्ण” बताते हुए कहा कि यह सरकार की जनजातीय समुदाय के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी शासन के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन जमीनी स्तर पर गुज्जर-बकरवाल बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। खटाना ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनजातीय कल्याण के प्रति गंभीर होती तो प्रवास शुरू होने से पहले ही तैनाती आदेश जारी कर दिए जाते। राज्यसभा सांसद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सीजनल टीचरों की नियुक्ति नहीं की गई तो हजारों छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी और अनुसूचित जनजाति समुदायों में साक्षरता बढ़ाने के प्रयासों को भी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग से जम्मू-कश्मीर के सभी माइग्रेटरी शैक्षणिक केंद्रों में तत्काल सीजनल टीचरों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा