नटरंग के चिल्ड्रन थिएटर कैंप-2026 का रंगारंग समापन, दो नाटकों ने दर्शकों को दिया सामाजिक संदेश

 


जम्मू, 12 जुलाई (हि.स.)। नटरंग के चिल्ड्रन थिएटर कैंप का रविवार को अभिनव थिएटर जम्मू में आयोजित भव्य रंगमंचीय समारोह के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर बच्चों ने दो नाटकों—द सीड्स वी सो और मेरे हिस्से की धूप कहाँ है—की प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू के निदेशक प्रो. बी.एस. सहाय थे। मुख्य अतिथि प्रो. सहाय ने नटरंग की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पिछले कई वर्षों से रंगमंच के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का सराहनीय कार्य कर रही है और जम्मू को देश के प्रमुख रंगमंचीय केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इस अवसर पर नटरंग के निदेशक बलवंत ठाकुर ने बताया कि संस्था वर्ष 1990 से बच्चों के लिए थिएटर कैंप आयोजित कर रही है जिनके माध्यम से हजारों बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रभावी संवाद कौशल का विकास हुआ है।

कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सुमीत शर्मा द्वारा लिखित एवं निर्देशित द सीड्स वी सो रही। नाटक में भारतीय लोककथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मनुष्य के प्रत्येक कर्म का प्रभाव भविष्य और समाज पर पड़ता है। अभिनय, संगीत और नृत्य से सजी इस प्रस्तुति ने दया, ईमानदारी, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। नाटक में नवधा प्रशेर, श्रानया महाजन, कौस्तुभ शर्मा, सनातन गुप्ता सहित अनेक बाल कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दूसरी प्रस्तुति मेरे हिस्से की धूप कहाँ है जिसे बलवंत ठाकुर ने लिखा और निर्देशित किया बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न सामाजिक चुनौतियों पर केंद्रित रही। नाटक में कुपोषण, शिक्षा, बेरोजगारी, संसाधनों की कमी और बच्चों के भविष्य पर जनसंख्या विस्फोट के प्रभाव को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। अंत में बच्चों द्वारा पूछा गया सवाल—हमें इस दुनिया में क्यों लाया गया, हमारे हिस्से की धूप कहाँ है?—दर्शकों को गहरे सोचने पर मजबूर कर गया।

कार्यक्रम का संचालन गौरी ठाकुर ने किया। दोनों प्रस्तुतियों के मंचन में संगीत, प्रकाश व्यवस्था और तकनीकी सहयोग से जुड़े कलाकारों और टीम के सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन समारोह में बड़ी संख्या में रंगकर्मी, अभिभावक और कला प्रेमी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा