मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने औद्योगिक नीति 2026-35 के मसौदे की समीक्षा की

 


श्रीनगर, 24 सितंबर (हि.स.)।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज सिविल सचिवालय में जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति (2026-35) के मसौदे की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल दुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, वित्त विभाग के सहायक सचिव शैलेंद्र कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सचिव विरामजीत सिंह, जम्मू-कश्मीर बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अमितवा चटर्जी और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सचिव ने नीति के मसौदे पर एक प्रस्तुति दी और बैठक को इसके व्यापक ढांचे, उद्देश्यों और नीति निर्माण प्रक्रिया से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति पर विस्तृत चर्चा की और विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अंतिम ढांचा संतुलित, व्यावहारिक और जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप हो।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीति निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करे और साथ ही यह सुनिश्चित करे कि इसके लाभ स्थानीय उद्यमियों, व्यवसायों और रोजगार सृजन के लिए अधिक अवसरों में तब्दील हों।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नई नीति में एक व्यापक और प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन ढांचा होना चाहिए जिसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और उभरते हुए क्षेत्रों को लक्षित समर्थन दिया जाए।

उन्होंने स्थानीय उद्योगों के लिए बाजार पहुंच को मजबूत करने, व्यापार करने में आसानी को और बेहतर बनाने और प्रोत्साहनों को स्थानीय रोजगार सृ viजन और कौशल विकास से निकटता से जोड़ने पर भी बल दिया।

मुख्यमंत्री ने एक सुदृढ़ कार्यान्वयन तंत्र के महत्व पर भी बल दिया जिसमें प्रक्रियाओं को सरल बनाने, व्यापार करने में आसानी को सुगम बनाने और नीति के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित करने पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित किया गया हो।

विभाग को निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम रूप देने से पहले चर्चाओं के आलोक में मसौदे को और परिष्कृत करने का निर्देश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह