मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पांच बिल पेश किए
श्रीनगर, 28 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को विधानसभा में पांच बिल पेश किए। इनमें मंत्रियों और विधायकों के वेतन में बदलाव और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (आसानी से व्यापार करने) को बढ़ावा देने से जुड़े बिल शामिल हैं।
पेश किये गए बिलों में जम्मू-कश्मीर मंत्री और राज्य मंत्री वेतन अधिनियम 1956, जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल सदस्य वेतन और भत्ता अधिनियम 1960 और जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल सदस्य पेंशन अधिनियम 1984 में संशोधन करने के लिए है। मुख्यमंत्री ने एक ऐसा बिल भी पेश किया है, जिसका मकसद कानून में बदलाव करके 'अनुमति-आधारित नियंत्रण की जगह 'नियम आधारित शासन' लाना है। इससे नागरिक और कंपनियां आत्मविश्वास के साथ योजना बना सकेंगी, निवेश कर सकेंगी और काम कर सकेंगी।
साथ ही इससे 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' और 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' (जीवन को आसान बनाने) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में रोज़गार पैदा होंगे, निवेश आएगा और लंबे समय तक आर्थिक विकास बना रहेगा। अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन करने के लिए भी एक बिल पेश किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह