मुख्य सचिव ने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार अभियान के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की
Jammu, 03 जून (हि.स.)। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की ताकि जम्मू कश्मीर में विकसित भारत ग्रामीण रोजगार अभियान (वीबी-जी राम जी) का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के ढांचे से नवगठित वीबी-जी राम जी में परिवर्तन की दिशा में विभाग द्वारा प्राप्त प्रगति की समीक्षा की जिसे भारत सरकार ने 11 मई 2026 को अधिसूचित किया था।
मुख्य सचिव ने सावधानीपूर्वक योजना और समन्वित क्रियान्वयन के महत्व पर जोर देते हुए अधिकारियों को योजना के संचालन हेतु निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि 1 जुलाई, 2026 को इसके प्रारंभ होने से पहले सभी तैयारी संबंधी गतिविधियां पूरी हो जाएं।
उन्होंने अधिसूचना सहित सभी आवश्यक शर्तों को शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। इसमें विधि विभाग के परामर्श से योजना का कार्यान्वयन, सभी पात्र श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा करना, और नए ढांचे में सुचारू और निर्बाध संक्रमण को सुगम बनाने के लिए कार्यों की अग्रिम योजना और अनुमोदन करना शामिल है।
मुख्य सचिव ने जम्मू और कश्मीर के ग्रामीण विकास निदेशकों को योजना के कार्यान्वयन से जुड़े सभी पदाधिकारियों की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का भी निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजना के क्रियान्वयन से पहले जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर प्रत्येक कर्मचारी को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और उन्हें वीबी-जी आरएम जी के प्रावधानों, प्रक्रियाओं और तकनीकी प्लेटफार्मों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
बैठक के दौरान ग्रामीण विकास सचिव एजाज असद ने बताया कि विशेष ग्राम सभाओं, सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों, सोशल मीडिया अभियानों और समाचार पत्र प्रचार पहलों के माध्यम से सभी जिलों में व्यापक जागरूकता और संपर्क अभियान चलाए गए हैं जिनमें सभी 4,291 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
युक्तधारा प्लेटफॉर्म के तहत योजना प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव को सूचित किया गया कि सभी 20 जिलों, 285 ब्लॉकों और 4,291 ग्राम पंचायतों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है और 100 प्रतिशत लॉगिन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 94 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में योजना गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं जबकि 92 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों ने अपनी योजनाएं प्रस्तुत कर दी हैं। लगभग 3,849 ग्राम सभाओं ने विकास योजनाओं को मंजूरी दे दी है और 63,000 से अधिक कार्यों की पहचान की गई है जिससे नए कार्यक्रम के तहत अपेक्षित श्रम मांग को पूरा करने के लिए परियोजनाओं का एक मजबूत भंडार उपलब्ध है।
बैठक में आगे बताया गया कि जम्मू और कश्मीर एमजीएनआरईजीए श्रमिकों के ई-केवाईसी कवरेज और चेहरे के प्रमाणीकरण अनुपालन में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से एक बनकर उभरा है जिसमें सभी ग्राम पंचायतों ने पूर्ण कवरेज हासिल कर लिया है। मुख्य सचिव ने कहा कि वीबी-जी आरएएम जी के तहत प्रौद्योगिकी-आधारित शासन तंत्र को अपनाने से जिसमें चेहरे का प्रमाणीकरण, जियोफेंसिंग, एआई-सक्षम विश्लेषण और वास्तविक समय निगरानी डैशबोर्ड शामिल हैं, पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा वितरण को और मजबूत किया जा सकेगा।
नई योजना की परिचालन संबंधी तैयारियों के बारे में बैठक को बताया गया कि ग्राम पंचायत प्रशासन (वीबी-जी आरएएम जी) के कार्यान्वयन हेतु अधिसूचना का मसौदा तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत कर दिया गया है जबकि नियम, समर्पित खाते, बजटीय प्रावधान और वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों का एकीकरण ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों का वर्गीकरण और अन्य तैयारी संबंधी गतिविधियाँ भी निर्धारित समय पर चल रही हैं।
मुख्य सचिव ने सभी स्तरों पर निरंतर जनसंपर्क और कड़ी निगरानी का आह्वान किया ताकि ग्रामीण रोजगार एवं विकास की इस प्रमुख पहल के उद्देश्यों को जम्मू और कश्मीर में इसके कार्यान्वयन के पहले दिन से ही प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह