मुख्य सचिव ने शहरी चुनौती निधि के तहत शुरू की जाने वाली अवसंरचना परियोजनाओं का किया आकलन

 

श्रीनगर, 7 जुलाई (हि.स.)। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज आवास एवं शहरी विकास विभाग (एच एंड यूडीडी) की एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें भारत सरकार के शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ) के तहत प्रस्तावित शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की पहचान और चयन प्रक्रिया में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। एच एंड यूडीडी के आयुक्त सचिव, नगर आयुक्तों और अन्य विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में जम्मू और कश्मीर को इस परिवर्तनकारी वित्तपोषण तंत्र का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया जिसका उद्देश्य सतत शहरी विकास और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देना है। उच्च गुणवत्ता वाले और आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रस्ताव तैयार करने के महत्व पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि सभी चयनित परियोजनाएं शहरी चुनौती कोष के दिशानिर्देशों के अनुरूप हों और मजबूत व्यवहार्यता अध्ययन, सतत वित्तपोषण मॉडल और स्पष्ट कार्यान्वयन रणनीतियों द्वारा समर्थित हों। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि परियोजनाओं को न केवल शहरी केंद्रों की तात्कालिक अवसंरचना आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक अवसर भी सृजित करने चाहिए, शहरी लचीलेपन को मजबूत करना चाहिए, नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए और पर्यावरण की दृष्टि से सतत विकास को बढ़ावा देना चाहिए।

मुख्य सचिव ने प्रस्तावित परियोजनाओं के समय पर मूल्यांकन और अनुमोदन को सुगम बनाने के लिए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी हितधारकों से विस्तृत परियोजना रिपोर्टों को शीघ्र तैयार करने और सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने का आह्वान किया ताकि जम्मू और कश्मीर शहरी चुनौती कोष के तहत उपलब्ध अवसरों का प्रभावी ढंग से लाभ उठा सके। इस बैठक के दौरान आवास एवं शहरी मामलों की आयुक्त सचिव, मनदीप कौर ने बताया कि शहरी चुनौती कोष की परिकल्पना भारत सरकार द्वारा शहरी वित्तपोषण में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में की गई है जिसका उद्देश्य शहरों और केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता, बाजार आधारित वित्तपोषण और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के योगदान के संयोजन के माध्यम से ऋण योग्य, राजस्व उत्पन्न करने वाली अवसंरचना परियोजनाओं को शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता