मुख्यमंत्री उमर ने केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान को जम्मू-कश्मीर का सच्चा मित्र बताया
श्रीनगर, 28 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जम्मू-कश्मीर का सच्चा मित्र और हमदर्द बताते हुए श्रीनगर के एसकेआईसीसी में पीएमजीएसवाई चरण-चार (बैच-दो) के शुभारंभ के अवसर पर ग्रामीण संपर्क और केंद्र-केंद्र शासित प्रदेश सहयोग पर एक सशक्त राजनीतिक संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उन्हें मध्य प्रदेश में प्रचलित उपनाम मामा कहकर संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि चौहान ने निर्वाचित सरकार के पिछले डेढ़ वर्षों में जम्मू-कश्मीर का बार-बार समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि जो भी मंजूरी दी गई है, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जमीनी स्तर पर काम शुरू हो। आने वाले महीनों में हम कार्यान्वयन शुरू करेंगे और शेष आवश्यकताओं को भी पूरा करेंगे। ग्रामीण संपर्क का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमजीएसवाई (प्रसव एवं आजीविका प्रबंधन) योजना ने जम्मू-कश्मीर के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में जीवन को काफी हद तक बदल दिया है।
मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि जिन लोगों को पहले सड़क तक पहुंचने के लिए चार से पांच घंटे पैदल चलना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें मोटर योग्य परिवहन की सुविधा मिल गई है। चरण 2, चरण 3 और अब चरण 4 के कारण अस्पतालों, स्कूलों और बाजारों तक पहुंच में सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का ध्यान ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बस्तियों को जोड़ने पर केंद्रित है, जिनमें पहाड़ी क्षेत्रों में बिखरी हुई या छोटी आबादी वाली बस्तियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी असली ताकत गांवों में है। हमारी विरासत और अर्थव्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हुई है और हमारा प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हर संभव तरीके से मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री उमर ने स्वयं सहायता समूह कार्यक्रमों सहित ग्रामीण विकास और आजीविका मिशनों के तहत चल रही पहलों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए अवसरों का विस्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में किसानों द्वारा सामना की जा रही मौसम संबंधी चुनौतियों का हवाला देते हुए कृषि और बागवानी क्षेत्रों को, विशेष रूप से फसल आधारित बीमा तंत्र के माध्यम से अधिक मजबूत समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि पीएमजीएसवाई चरण-चार के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को मिशन मोड में पूरा किया जाएगा ताकि जम्मू और कश्मीर में समय पर कार्य संपन्न हो सके और कनेक्टिविटी में सुधार हो सके। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, विधायक और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता