सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को ठगने के आरोपी एक कुख्यात जालसाज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
श्रीनगर, 14 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को ठगने के आरोपी एक कुख्यात जालसाज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468 और 471 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 12/2026 के संबंध में श्रीनगर स्थित वन मजिस्ट्रेट की माननीय अदालत में प्रस्तुत किया गया है।
आरोपी की पहचान अब्दुल रहीम मीर के पुत्र अब्दुल मजीद मीर के रूप में हुई है जो कुपवाड़ा जिले के कलारूस जिले के लिश्तियाल का निवासी है।
जांच के अनुसार मामला एक लिखित शिकायत से शुरू हुआ जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसके बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने के वादे पर लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा जारी किया गया नियुक्ति पत्र प्रस्तुत किया था। जांच के दौरान दस्तावेज़ जाली और नकली पाया गया जिसके चलते ईओडब्ल्यू ने आगे की जांच शुरू की।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच के दौरान आरोप पुष्ट हुए जिसके बाद न्यायिक निर्णय के लिए सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।जांचकर्ताओं ने आगे बताया कि आरोपी का नाम कश्मीर घाटी में दर्ज 15 आपराधिक मामलों में है जो आर्थिक अपराधों में उसकी संलिप्तता को उजागर करता है। आरोपी को 18 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में श्रीनगर की केंद्रीय जेल में बंद है।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अनुसार अब्दुल मजीद मीर ने प्रभावशाली व्यक्तियों और नौकरशाहों का रूप धारण करके भोले-भाले लोगों को गुमराह करने, धोखा देने और ठगने का काम किया। अब यह मामला सक्षम न्यायालय के समक्ष न्यायिक कार्यवाही के अधीन होगा।
आर्थिक अपराध शाखा ने लोगों से आग्रह किया है कि वे पैसे के बदले सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करने वाले व्यक्तियों से लेन-देन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, विशेषकर तब जब ऐसे व्यक्ति वरिष्ठ अधिकारियों या सरकारी विभागों से संबंध होने का दावा करते हों।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता