डोडा जिले में स्थित सौ साल पुराने भदरवाह स्कूल का होगा जीर्णोद्धार

 

डोडा, 11 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक डोडा के बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल को सरकार द्वारा विरासत विद्यालय के रूप में पुनर्विकास करने के निर्णय से बड़ा प्रोत्साहन मिला है।

20वीं सदी के इस संस्थान (जिसे पहले अमर सिंह हाई स्कूल के नाम से जाना जाता था) के 3.06 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले पुनर्विकास की आधारशिला भदरवाह के अतिरिक्त उपायुक्त सुनील कुमार भुत्याल ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और पूर्व छात्र कैलाश चंद्र की उपस्थिति में रखी। यह विद्यालय जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भदरवाह कस्बे में स्थित है। यह चिनाब घाटी क्षेत्र का पहला हाई स्कूल था जिसकी स्थापना 1920 में तत्कालीन डोगरा शासक महाराज प्रताप सिंह ने की थी।

भूत्याल ने कहा कि 'प्रेरणा' हेरिटेज स्कूल योजना के तहत चलाई जा रही 3.06 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य छात्रों को गहन शिक्षण अनुभव प्रदान करके उन्हें प्रेरणा का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्कूल के पूर्व छात्रों में गर्व की भावना भी जागृत होगी क्योंकि दशकों से प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल करने वाले इस ऐतिहासिक संस्थान का संरक्षण और नवीनीकरण का नया दौर शुरू हो रहा है।

एडीसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप अपनी तरह की यह पहली स्कूल पुनर्विकास पहल, 'प्रेरणा', क्षेत्र के युवाओं को बदलाव के उत्प्रेरक के रूप में उभरने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

चंदर ने इस विकास को गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि उनके दादा, पिता और वे स्वयं इस संस्थान के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल को विरासत का दर्जा मिलने के बाद इसके प्रधानाचार्य के रूप में इसका नेतृत्व करना एक ऐसा मील का पत्थर है जिसे मैं जीवन भर संजो कर रखूंगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार स्वतंत्रता से पहले, 1947 तक यह विद्यालय लाहौर स्थित पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध था। बाद में यह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और फिर जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया। जम्मू-कश्मीर राज्य शिक्षा बोर्ड की स्थापना के बाद, 1974 में यह संस्थान जम्मू-कश्मीर राज्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हो गया। उन्होंने बताया कि 2015-16 के शैक्षणिक सत्र के दौरान इसका नाम बदलकर मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता