पुलवामा में सरकारी अधिकारी बनकर 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति पर मामला दर्ज

 


श्रीनगर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक व्यक्ति के खिलाफ सरकारी अधिकारी बनकर एक व्यक्ति और उसके बेटे से भूमि मुआवजे के मामले में 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलवामा पुलिस ने पुलवामा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत के निर्देशों के बाद भूमि मुआवजे के विवाद से जुड़े 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319 और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया है। सीजेएम मुज़मिल अहमद वानी ने शुक्रवार को मोहम्मद यूसुफ ठोकर और उनके बेटे तारिक अहमद जो पंपोर के फ्रस्ताबल निवासी हैं की शिकायत पर यह आदेश पारित किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवंतीपोरा के कचाचकूत निवासी हारून राशिद बंद ने पुलवामा के एडीसी बनकर कथित सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए उनसे पैसे लिए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पुलवामा के गुदूरा स्थित ठोकर की जमीन का एक हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग-444 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित किया गया था जिसके लिए मुआवजा देय था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जमीन के मुआवजे और संपत्ति के लेन-देन के सिलसिले में लगभग 28 लाख रुपये प्राप्त किए गए थे। आवेदन और सहायक दस्तावेजों की जांच के बाद अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया आरोप संज्ञेय अपराध प्रतीत होते हैं जिनकी जांच आवश्यक है और एसएचओ को कानून के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता