बीओपीईई ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आतंकी हमलों के पीड़ितों के जीवनसाथी और बच्चों के लिए केंद्रीय पूल से एमबीबीएस सीटों के आवंटन हेतु आमंत्रित किए ऑफलाइन आवेदन
जम्मू, 11 सितंबर (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (बीओपीईई) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आतंकी हमलों के पीड़ितों के जीवनसाथी और बच्चों के लिए केंद्रीय पूल से एमबीबीएस सीटों के आवंटन हेतु ऑफलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
जारी अधिसूचना के अनुसार कुल चार सीटें आरक्षित की गई हैं - एक सीट बिहार के गया स्थित ए.एन. मगध मेडिकल कॉलेज में, एक महाराष्ट्र के मुंबई स्थित ग्रांट मेडिकल कॉलेज में और दो छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज में। आवेदक जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और आतंकी हमले में मारे गए या विकलांग नागरिक के जीवनसाथी या बच्चे होने चाहिए। प्रवेश के समय उम्मीदवार की आयु 17 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए या प्रवेश के वर्ष के 31 दिसंबर को या उससे पहले यह आयु पूर्ण हो जाएगी।
एनएमसी के मानदंडों के अनुसार उम्मीदवार को भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी और अंग्रेजी में अलग-अलग न्यूनतम निर्धारित अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए जो अनारक्षित और आरक्षित श्रेणियों के लिए पीसीबी में मिलाकर प्राप्त होने चाहिए साथ ही एनईटी यूजी 2026 में उत्तीर्ण प्रतिशत भी होना चाहिए।
चयन एनटीए द्वारा आयोजित एनईटी यूजी 2026 में प्राप्त रैंक के आधार पर किया जाएगा। गृह मंत्रालय कोई अलग परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि केवल आवेदन जमा करने से चयन का कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा। चयन संबंधित मंत्रालय द्वारा नियमों के अनुसार किया जाएगा। जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की आरक्षण नीति केंद्रीय पूल एमबीबीएस सीटों पर लागू होगी।
प्राथमिकता पहले उन बच्चों को दी जाएगी जिनके माता-पिता दोनों आतंकवादियों द्वारा मारे गए हैं, फिर उन परिवारों के बच्चों को जिनके एकमात्र कमाने वाले को आतंकवादियों द्वारा मार दिया गया है और फिर आतंकवादी हमलों के कारण स्थायी विकलांगता और गंभीर चोट के शिकार लोगों के आश्रितों को। प्राथमिकता प्रथम या द्वितीय के तहत लाभ परिवार के केवल एक आश्रित तक सीमित है।
आवश्यक दस्तावेजों में निवास प्रमाण पत्र, नीट सीट कार्ड, 10+2 मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र और यदि कोई श्रेणी प्रमाण पत्र हो तो वह शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आवेदकों को एफआईआर, मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और यह शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा कि परिवार के किसी अन्य सदस्य को इस श्रेणी का लाभ नहीं मिला। साथ ही प्राथमिकता दो के लिए मृतक के परिवार का एकमात्र कमाने वाला होने का प्रमाण पत्र, संबंधित एसएचओ अस्पताल द्वारा जारी किया गया हो जिस पर संबंधित एसएसपी और तहसीलदार के हस्ताक्षर हों और गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव द्वारा प्रमाणित हो।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता