बॉलीवुड को जम्मू-कश्मीर में बढ़ते उत्साह और आत्मविश्वास का लाभ उठाकर इस क्षेत्र के साथ अपने सिनेमाई संबंधों को पुनर्जीवित करना चाहिए- फिल्म निर्माता श्रीराम राघवन

 

श्रीनगर, 08 सितंबर (हि.स.)। फिल्म निर्माता श्रीराम राघवन ने मंगलवार को कहा कि बॉलीवुड को जम्मू-कश्मीर में बढ़ते उत्साह और आत्मविश्वास का लाभ उठाकर इस क्षेत्र के साथ अपने सिनेमाई संबंधों को पुनर्जीवित करना चाहिए। एक हसीना थी, जॉनी गद्दार, एजेंट विनोद और बदलापुर जैसी फिल्मों के लिए जाने जाने वाले निर्देशक और पटकथा लेखक राघवन ने एसकेआईसीसी में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेके) के दूसरे दिन भाग लिया। उन्होंने निर्देशन और पटकथा लेखन पर एक मास्टरक्लास का संचालन किया।

उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्म उद्योग को इस अवसर का लाभ उठाना होगा। क्षेत्रीय सिनेमा भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और हर राज्य की अपनी फिल्मी संस्कृति है। मलयालम फिल्मों को ही लें, वे इस समय बहुत अच्छा कर रही हैं। तो इसी तरह यह यहाँ भी हो सकता है और यह होगा। मुझे ऐसा ही लगता है।

राघवन ने पत्रकारों से यह पूछे जाने पर कहा कि क्या बॉलीवुड को जम्मू-कश्मीर के साथ, विशेष रूप से पिछले साल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद संबंध तोड़ने की जरूरत है तो उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू और कश्मीर में जोश और आत्मविश्वास बढ़ रहा है और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई फिल्म नीति वास्तव में मददगार होगी क्योंकि अब बहुत आत्मविश्वास है। लोगों को यह भरोसा है कि 'ठीक है, हम यहाँ आकर फिल्म बना सकते हैं', यह नौकरशाही की लालफीताशाही जैसा नहीं होगा, ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि यहाँ प्यार और जुनून है। इसलिए मुझे लगता है कि यह हो जाएगा।

फिल्म निर्माता ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए फिल्म निर्माण में बहुत सारे अवसर हैं और यह महोत्सव उन्हें बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण में बहुत सारे लोगों, बहुत सारे कुशल तकनीशियनों और हर चीज की आवश्यकता होती है। मुझे लगता है कि महोत्सव के कारण इस क्षेत्र में रुचि रखने वालों को थोड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इसलिए मुझे लगता है कि इससे उन्हें मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपको परिणाम तुरंत नहीं दिखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता