महाराजा हरि सिंह का दृष्टिकोण, साहस और लोगों के प्रति प्रतिबद्धता जम्मू-कश्मीर को प्रेरित करती रहेगी-सत शर्मा
जम्मू, 23 सितंबर (हि.स.)।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जम्मू-कश्मीर ने महान डोगरा शासक और जम्मू कश्मीर के महाराजा, महाराजा हरि सिंह जी को उनकी 131वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा (सीए) और जम्मू-कश्मीर विधान सभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने जम्मू में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा मुख्यालय, त्रिकुटा नगर में सत शर्मा, सुनील शर्मा, जम्मू-कश्मीर भाजपा महासचिव बलदेव सिंह बिलवारिया और गोपाल महाजन ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ महाराजा को सम्मानजनक श्रद्धांजलि अर्पित की।
सत शर्मा ने जम्मू-कश्मीर भाजपा के उपाध्यक्ष राजीव सिंह और विधायक विक्रम रंधावा के साथ बाहु किले में महाराजा हरि सिंह जी को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने जानीपुर में श्रद्धेय डोगरा शासक को पुष्पांजलि भी अर्पित की। इस अवसर पर बोलते हुए सत शर्मा ने कहा कि महाराजा हरि सिंह जी का जम्मू-कश्मीर के इतिहास, विरासत और सार्वजनिक जीवन में एक अद्वितीय और स्थायी स्थान है और लोगों के प्रति उनकी दृष्टि, साहस और प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
सत शर्मा ने कहा कि महाराजा हरि सिंह जी एक ऐसे शासक थे जिन्होंने पूर्ववर्ती राज्य की सामाजिक और संस्थागत नींव को मजबूत करने की दिशा में काम किया और शिक्षा का विस्तार करने, आम लोगों के जीवन में सुधार लाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि उनकी विरासत को केवल स्मारक कार्यक्रमों के माध्यम से नहीं बल्कि लोक कल्याण और प्रगतिशील शासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेकर याद किया जाना चाहिए। महाराजा हरि सिंह जी का जीवन हमें याद दिलाता है कि नेतृत्व को लोगों के कल्याण और राज्य और उसके लोगों के व्यापक हित में निर्णय लेने के साहस से मापा जाता है। उनका योगदान जम्मू और कश्मीर के इतिहास और डोगरा विरासत का एक अविभाज्य हिस्सा है और उनके आदर्श हमें एक मजबूत, समृद्ध और एकजुट जम्मू और कश्मीर के लिए काम करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।
सत शर्मा ने आगे कहा कि 1947 के महत्वपूर्ण काल के दौरान महाराजा हरि सिंह जी की ऐतिहासिक भूमिका जम्मू-कश्मीर की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महाराजा की विरासत को उनके समय की चुनौतियों और क्षेत्र के इतिहास में उनके स्थायी स्थान के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
सुनील शर्मा ने महाराजा हरि सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जनता के महाराजा को उनके साहस, प्रशासनिक दूरदर्शिता और अपनी प्रजा के कल्याण के प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास और इसकी संस्कृति के संरक्षण में उनका योगदान है
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह