इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड विवाद पर भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
जम्मू, 04 सितंबर (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हरि दत्त शिशु ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुई बैठक को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पांच दिन से हड़ताल पर चल रहे इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया और केवल मौखिक आश्वासन देकर बैठक समाप्त कर दी। इंटर्न डॉक्टर जम्मू-कश्मीर के 11 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वे अपने मासिक स्टाइपेंड को मौजूदा 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
डॉ. शिशु ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में करीब 90 मिनट चली बैठक के बावजूद कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले युवा डॉक्टरों को उनकी जायज मांग के लिए आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा है।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी से संबंधित फाइल वर्ष 2023 से वित्त विभाग में लंबित है और पिछले तीन वर्षों से डॉक्टरों को केवल प्रक्रिया जारी होने का आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में भी इसी तरह के मौखिक आश्वासन मिलने से सरकार के प्रति चिकित्सा समुदाय का भरोसा और कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार वादे पूरे नहीं होने के कारण सरकार और मेडिकल बिरादरी के बीच ‘विश्वास का संकट’ पैदा हो गया है। डॉ. शिशु ने हड़ताल समाप्त करने से पहले लिखित आदेश की मांग पर इंटर्न डॉक्टरों के रुख का समर्थन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न को देश के कई हिस्सों की तुलना में बेहद कम स्टाइपेंड मिल रहा है जबकि उन पर काम का भारी दबाव है और मौजूदा महंगाई में 12 हजार रुपये पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन लंबा खिंचता है और प्रमुख अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री से वित्त विभाग के साथ तत्काल समन्वय कर स्टाइपेंड बढ़ोतरी का लिखित आदेश जारी करने और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि वह इंटर्न डॉक्टरों की मांग और उनके संघर्ष के साथ खड़ी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा