वंदे मातरम् का विरोध भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम का विरोध है: डॉ. अभिजीत जसरोटिया

 


जम्मू, 02 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रवक्ता डॉ. अभिजीत सिंह जसरोटिया ने पार्टी मुख्यालय त्रिकुटा नगर जम्मू में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम धर्म से ऊपर है किसी से नीचे नहीं क्योंकि देशभक्ति हर धर्म की नींव है। उनके साथ डॉ. प्रदीप महोत्रा मीडिया प्रभारी, जम्मू-कश्मीर भाजपा और सुनील प्रजापति, सह-प्रभारी, भाजपा ओबीसी मोर्चा, जम्मू-कश्मीर भाजपा भी थे।

डॉ. अभिजीत सिंह जसरोटिया ने कुछ निहित स्वार्थों द्वारा वंदे मातरम गाने को सांप्रदायिक रंग देकर अनावश्यक विवाद पैदा करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ समूह देशभक्ति को धर्म के साथ विरोधाभास के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी सोच एक खतरनाक मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म को राष्ट्र से ऊपर मानते हैं वे जानबूझकर भारत की भावना को कमजोर कर रहे हैं।

डॉ. अभिजीत ने याद दिलाया कि जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् की रचना की थी तब देश सामूहिक रूप से ब्रिटिश साम्राज्यवाद से लड़ रहा था। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक संघर्ष किसी एक धर्म तक सीमित नहीं था। हिंदू, मुस्लिम, सिख और अन्य लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता