जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान का कोई एजेंडा नहीं चलेगा: विपक्ष के नेता शर्मा

 

श्रीनगर, 28 सितंबर (हि.स.)

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के किसी भी एजेंडे के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग बना रहेगा। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि बीजेपी राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और 2024 के विशेष दर्जे के प्रस्ताव का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। यहाँ पाकिस्तान के किसी भी एजेंडे के लिए कोई जगह नहीं है।

विपक्ष के नेता ने कहा कि अगर प्रस्ताव सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित होता तो बीजेपी उसका समर्थन करती। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव लाते हैं तो हम उसका समर्थन करेंगे। राज्य का दर्जा बीजेपी का एजेंडा है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ज़रूर मिलेगा।

उन्होंने 2000 और 2024 के प्रस्तावों का ज़िक्र करने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इनसे जम्मू-कश्मीर की 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े मुद्दे उठते हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने पेश किया था। अगर यह सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए होता तो हम इसमें शामिल होते। लेकिन 2000 और 2024 के प्रस्तावों का ज़िक्र संविधान का उल्लंघन है।

कांग्रेस के बारे में विपक्ष के नेता ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पार्टी की असलियत सामने आ गई है और उन्होंने पहले के विशेष संवैधानिक प्रावधानों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की असलियत सामने आ गई है और उन्हें देश को जवाब देना होगा। क्या वे 1953 से पहले की स्थिति, अनुच्छेद 370 और 35A चाहते हैं। उन्हें जवाब देना चाहिए और उनके नेताओं को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ऐसे मुद्दों को फिर से उठाने की कोशिश कर रहे हैं जिनसे जम्मू-कश्मीर में शांति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि विपक्ष हर चीज़ का विरोध करेगा। जम्मू कश्मीर एक संवेदनशील राज्य है और हमारे पड़ोसी हमेशा हालात का फ़ायदा उठाने और शांति भंग करने की कोशिश करते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में हालात शांतिपूर्ण हैं और राज्य का दर्जा बहाल करना अभी भी एक मुख्य मांग है। उन्होंने कहा कि आज हालात शांतिपूर्ण हैं और बस राज्य का दर्जा मिलना बाकी है। बीजेपी राज्य का दर्जा देने की मांग का समर्थन करती है।

विपक्ष के नेता ने बीजेपी की आपत्तियों के बावजूद प्रस्ताव पर चर्चा की इजाज़त देने के लिए स्पीकर की आलोचना की और कहा कि उनकी पार्टी ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव पेश किया है। राज्य का दर्जा बहाल करने की समय-सीमा के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोई समय-सीमा तय नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि समय-सीमा तय करने वाले सीएम कौन होते हैं? राज्य का दर्जा दिया जाएगा और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। इस पर जल्दबाज़ी में चर्चा नहीं होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह